गया जिले के कोंच प्रखंड को ‘मॉडल ब्लॉक’ के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को नए प्रखंड भवन के लिए बोरिंग का कार्य प्रारंभ किया गया। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शैलेश कुमार दास ने शाम करीब चार बजे प्रखंड परिसर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। डीडीसी शैलेश कुमार दास ने बताया कि कोंच प्रखंड को नई तकनीक और सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो गई है। नए ब्लॉक भवन के लिए परिसर के भीतर उपयुक्त स्थान का चयन कर लिया गया है। वर्तमान में भवन में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बोरिंग का कार्य शुरू किया गया है। उप विकास आयुक्त ने कार्य स्थल पर मौजूद संवेदक को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने काम को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय जनता को जल्द से जल्द नए भवन की सुविधाएं मिल सकें। इस नए मॉडल ब्लॉक भवन में आम नागरिकों की सहूलियत के लिए डिजिटल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज भी मौजूद थे। उन्होंने डीडीसी को अब तक की प्रगति और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। गया जिले के कोंच प्रखंड को ‘मॉडल ब्लॉक’ के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को नए प्रखंड भवन के लिए बोरिंग का कार्य प्रारंभ किया गया। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शैलेश कुमार दास ने शाम करीब चार बजे प्रखंड परिसर पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। डीडीसी शैलेश कुमार दास ने बताया कि कोंच प्रखंड को नई तकनीक और सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया विधिवत शुरू हो गई है। नए ब्लॉक भवन के लिए परिसर के भीतर उपयुक्त स्थान का चयन कर लिया गया है। वर्तमान में भवन में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बोरिंग का कार्य शुरू किया गया है। उप विकास आयुक्त ने कार्य स्थल पर मौजूद संवेदक को निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने काम को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि स्थानीय जनता को जल्द से जल्द नए भवन की सुविधाएं मिल सकें। इस नए मॉडल ब्लॉक भवन में आम नागरिकों की सहूलियत के लिए डिजिटल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी विपुल भारद्वाज भी मौजूद थे। उन्होंने डीडीसी को अब तक की प्रगति और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया।


