केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने रविवार को निवाड़ी जिले के सीएम राइज स्कूल असाटी का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल परिसर में एक खुला कमरा मिला, जिसमें हजारों किताबें रखी हुई थीं। इसे देखकर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी। कुछ किताबें अपने साथ ले गए मंत्री ने कुछ किताबें अपने साथ भी ले लीं। इस घटना से पहले निवाड़ी जिले में नई किताबों और माध्यमिक शिक्षा मंडल की कॉपियों के कथित विक्रय के मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके, विभागीय कार्रवाई में ठोस कदम नहीं उठाए जाने से किताबों के भंडारण और वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं। प्राचार्य बोले- स्टोर रूम के रूप में उपयोग करते है सीएम राइज स्कूल असाटी के प्राचार्य अरुण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि यह कमरा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा स्टोर रूम के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके प्रभारी एपीसी रमसा भगवत सिंह खंगार हैं, जो कमरे की चाबी रखते हैं और किताबों का वितरण करते हैं। प्राचार्य ने बताया कि स्कूल प्रबंधन का इस स्टोर या वितरण प्रक्रिया में कोई सीधा संबंध नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी उन्मेष श्रीवास्तव ने कहा कि रिमेडियल क्लास के लिए किताबों का स्टोर इसी स्कूल में बनाया गया है। अधिकांश किताबें पहले ही 58 स्कूलों में वितरित की जा चुकी हैं। शेष किताबें फिलहाल स्टोर रूम में रखी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि खुला पाए जाने वाले स्टोर रूम की जांच की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि रिमेडियल क्लास के लिए जिलेभर में किताबें ट्रक के माध्यम से भेजी गई थीं। इनमें से लगभग आधी किताबें खुले स्टोर रूम में पाई गईं।


