अमेरिका-इजराइल का ईरान पर रविवार को लगातार दूसरे दिन हमला जारी है। मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग युद्ध के बीच ईरान में फंस गए हैं। हमले के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहां के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लगातार अटैक होने से लोग परेशान हैं। कथैया के आनंद कुमार भी ईरान में फंसे हैं। वो मनामा इलाके में पाइपलाइन कंपनी में काम करते हैं। भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में आनंद ने बताया, यहां बम बरस रहे हैं। आनंद का दावा है कि मुजफ्फरपुर और आसपास के करीब 250 से 300 लोग ईरान में फंसे हैं। नींद उड़ी हुई है। दुबई में रह रहे बक्सर के सुजीत ने कहा, ऑनलाइन नहीं दिखूं तो समझ लेना गड़बड़ है। पढ़िए ईरान पर अमेरिकी हमले की आंखों देखी… पहले मुजफ्फरपुर के आनंद की ईरान से भेजी 2 तस्वीरें … बम बरस रहे, धरती कांप रही आनंद ने बताया, रात के समय आसमान अचानक लाल हो गया था। ऐसा लगा कि आसमान से आग के गोले बरस रहे हैं। इसके बाद एक के बाद एक कई तेज धमाके हुए, जिससे धरती हिल गई। यह मंजर बेहद डरावना था। वहां काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। सभी सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। मेरे साथ यहां बिहार के कई लोग काम करते हैं। हमने वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए परिवार से संपर्क किया। पापा राजमंगल साहनी और परिवार के अन्य सदस्य मेरी सुरक्षा को लेकर बेहद डरे हुए हैं। वो मेरी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। किसी भी वक्त बम हम पर गिर सकता है आनंद ने आगे बताया, अकेले मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों के लगभग 250 से 300 लोग ईरान में मजदूरी और तकनीकी काम कर रहे हैं। इन सभी की सुरक्षा को लेकर अब उनके परिवार वाले भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। धमाके मेरी आंखों के सामने हुए। मानसिक तनाव और डर इतना बढ़ गया है कि रात को नींद तक नहीं आती। किसी भी वक्त लगता है अब एक बम आएगा और सब खत्म हो जाएगा। मैंने जिंदगी में ऐसा मंजर नहीं देखा। पिता बोले- बेटा कैसे भी जल्द घर लौट आए आनंद के पिता राजमंगल साहनी ने बताया, वॉट्सऐप पर बेटे से बातचीत हुई है। बेटा बता रहा था कि जहां वह रह रहा है, वहां फिलहाल स्थिति अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है, लेकिन धमाके वहां भी महसूस किए गए हैं। हम लोग बस इसी उम्मीद में हैं कि ऊपर वाला सब ठीक कर देगा। हम तो सरकार और भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि बेटा सुरक्षित रहे। जल्द घर लौटे। अब उसे बाहर नहीं जाने देंगे। यहां रहेगा तो सुरक्षित तो रहेगा। ऑफलाइन हुआ तो समझना मामला गड़बड़ है बक्सर जिले के चौसा निवासी सुजीत कुशवाहा इस समय दुबई में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। इसके बाद उनके परिवार के लोगों की बेचैनी बढ़ाृ गई है। सुजीत ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं ऑनलाइन नहीं दिखाई दूंगा तो समझना मामला ज्यादा खराब हो गया है, लड़ाई मानवता के खिलाफ है।’ सुजीत बोले- पता नहीं कब क्या हो जाए सुजीत की परिवार से फोन पर बात नहीं हो पा रही है। सुजीत ने वॉट्सऐप चैट पर मैसेज किया। सुजीत ने बताया कि दुबई में एक कंपनी में काम करता हूं। फिलहाल सुरक्षित हूं, लेकिन माहौल तनावपूर्ण है। पता नहीं कब क्या हो जाए। रात में एक तरफ लगातार धमाके हो रहे थे और दूसरी तरफ मोबाइल पर अलर्ट रहने के सायरन बज रहे थे। हमें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है सुजीत ने आगे बताया, सभी कर्मचारियों को सुरक्षित कमरों में वापस भेज दिया गया है। अगले दो दिन (रविवार और सोमवार) तक वर्क परमिट भी जारी नहीं होगा। रात में हुए एक तेज धमाके की आवाज से लोग सहम गए थे, जिससे दहशत का माहौल बन गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। अभी तक भारत लौटने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। भारतीय दूतावास की ओर से आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकें। अनहोनी की आशंका से दहशत में परिवार फिलहाल, ईरान के अलग-अलग शहरों में फंसे मुजफ्फरपुर और बक्सर के इन युवाओं के परिवार टकटकी लगाए खबरों पर नजर रखे हुए हैं। युद्ध के इस माहौल में उनकी एक ही मांग है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाए। खौफ के इस मंजर ने हजारों किलोमीटर दूर बिहार के गांवों में भी बेचैनी भर दी है। अमेरिका-इजराइल का ईरान पर रविवार को लगातार दूसरे दिन हमला जारी है। मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग युद्ध के बीच ईरान में फंस गए हैं। हमले के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहां के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लगातार अटैक होने से लोग परेशान हैं। कथैया के आनंद कुमार भी ईरान में फंसे हैं। वो मनामा इलाके में पाइपलाइन कंपनी में काम करते हैं। भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में आनंद ने बताया, यहां बम बरस रहे हैं। आनंद का दावा है कि मुजफ्फरपुर और आसपास के करीब 250 से 300 लोग ईरान में फंसे हैं। नींद उड़ी हुई है। दुबई में रह रहे बक्सर के सुजीत ने कहा, ऑनलाइन नहीं दिखूं तो समझ लेना गड़बड़ है। पढ़िए ईरान पर अमेरिकी हमले की आंखों देखी… पहले मुजफ्फरपुर के आनंद की ईरान से भेजी 2 तस्वीरें … बम बरस रहे, धरती कांप रही आनंद ने बताया, रात के समय आसमान अचानक लाल हो गया था। ऐसा लगा कि आसमान से आग के गोले बरस रहे हैं। इसके बाद एक के बाद एक कई तेज धमाके हुए, जिससे धरती हिल गई। यह मंजर बेहद डरावना था। वहां काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। सभी सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। मेरे साथ यहां बिहार के कई लोग काम करते हैं। हमने वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए परिवार से संपर्क किया। पापा राजमंगल साहनी और परिवार के अन्य सदस्य मेरी सुरक्षा को लेकर बेहद डरे हुए हैं। वो मेरी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। किसी भी वक्त बम हम पर गिर सकता है आनंद ने आगे बताया, अकेले मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों के लगभग 250 से 300 लोग ईरान में मजदूरी और तकनीकी काम कर रहे हैं। इन सभी की सुरक्षा को लेकर अब उनके परिवार वाले भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। धमाके मेरी आंखों के सामने हुए। मानसिक तनाव और डर इतना बढ़ गया है कि रात को नींद तक नहीं आती। किसी भी वक्त लगता है अब एक बम आएगा और सब खत्म हो जाएगा। मैंने जिंदगी में ऐसा मंजर नहीं देखा। पिता बोले- बेटा कैसे भी जल्द घर लौट आए आनंद के पिता राजमंगल साहनी ने बताया, वॉट्सऐप पर बेटे से बातचीत हुई है। बेटा बता रहा था कि जहां वह रह रहा है, वहां फिलहाल स्थिति अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है, लेकिन धमाके वहां भी महसूस किए गए हैं। हम लोग बस इसी उम्मीद में हैं कि ऊपर वाला सब ठीक कर देगा। हम तो सरकार और भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि बेटा सुरक्षित रहे। जल्द घर लौटे। अब उसे बाहर नहीं जाने देंगे। यहां रहेगा तो सुरक्षित तो रहेगा। ऑफलाइन हुआ तो समझना मामला गड़बड़ है बक्सर जिले के चौसा निवासी सुजीत कुशवाहा इस समय दुबई में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। इसके बाद उनके परिवार के लोगों की बेचैनी बढ़ाृ गई है। सुजीत ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं ऑनलाइन नहीं दिखाई दूंगा तो समझना मामला ज्यादा खराब हो गया है, लड़ाई मानवता के खिलाफ है।’ सुजीत बोले- पता नहीं कब क्या हो जाए सुजीत की परिवार से फोन पर बात नहीं हो पा रही है। सुजीत ने वॉट्सऐप चैट पर मैसेज किया। सुजीत ने बताया कि दुबई में एक कंपनी में काम करता हूं। फिलहाल सुरक्षित हूं, लेकिन माहौल तनावपूर्ण है। पता नहीं कब क्या हो जाए। रात में एक तरफ लगातार धमाके हो रहे थे और दूसरी तरफ मोबाइल पर अलर्ट रहने के सायरन बज रहे थे। हमें सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है सुजीत ने आगे बताया, सभी कर्मचारियों को सुरक्षित कमरों में वापस भेज दिया गया है। अगले दो दिन (रविवार और सोमवार) तक वर्क परमिट भी जारी नहीं होगा। रात में हुए एक तेज धमाके की आवाज से लोग सहम गए थे, जिससे दहशत का माहौल बन गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। अभी तक भारत लौटने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। भारतीय दूतावास की ओर से आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकें। अनहोनी की आशंका से दहशत में परिवार फिलहाल, ईरान के अलग-अलग शहरों में फंसे मुजफ्फरपुर और बक्सर के इन युवाओं के परिवार टकटकी लगाए खबरों पर नजर रखे हुए हैं। युद्ध के इस माहौल में उनकी एक ही मांग है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाए। खौफ के इस मंजर ने हजारों किलोमीटर दूर बिहार के गांवों में भी बेचैनी भर दी है।


