राजसमंद जिले के धोइंदा क्षेत्र से लापता हरीश पालीवाल का आठवें दिन शव मिलने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार हरीश जोशी पुत्र भगवती लाल जोशी, निवासी धोइंदा, 30 दिसंबर की शाम करीब 6.30 बजे से लापता था। परिजनों द्वारा 31 दिसंबर को कांकरोली पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुस्साए परिजनों ने किया था प्रदर्शन रिपोर्ट दर्ज होने के छह दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों में आक्रोश बढ़ गया। इस दौरान हरीश की पत्नी और माता की तबीयत भी बिगड़ गई। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और समाजजनों ने सोमवार को सर्व ब्राह्मण समाज के बैनर तले कलेक्ट्रेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एडीएम नरेश बुनकर और एएसपी महेंद्र पारीक को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में जसवंत सिंह निवासी पलासमा की भूमिका को संदिग्ध बताया गया। सांसद में 24 घंटे में खुलासे का दिया था अल्टीमेटम धरना स्थल पर पहुंचीं राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर 24 घंटे में हरीश का पता लगाने का अल्टीमेटम दिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और टीम गठित की गई। मंगलवार को घासा थाना क्षेत्र में एक कुएं से हरीश का शव मिला, जिसकी पहचान कपड़ों के आधार पर परिजनों ने की। पुलिस अब मौत के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।


