रोहतक में बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ मर्डर केस:आईजी से मिली 23 सदस्यों की कमेटी, एएसपी के नेतृत्व में बनेगी SIT

रोहतक में बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ मर्डर केस:आईजी से मिली 23 सदस्यों की कमेटी, एएसपी के नेतृत्व में बनेगी SIT

रोहतक के गांव हमायुंपुर निवासी बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ की हत्या के मामले में गठित कमेटी के साथ पंचायत के 23 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल आईजी सिमरदीप सिंह से मिला। आईजी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा जाएगा। साथ ही एएसपी के नेतृत्व में SIT गठित की जाएगी। बॉडी बिल्डर रोहित धनखड़ अपने दोस्त गांव बौंदकला निवासी जतिन के साथ 28 नवंबर को उसकी बहन की ननद की शादी में शगुन डालने भिवानी गया था। शादी समारोह के दौरान तिगड़ाना से बारात आई, जिसमें कुछ युवकों के साथ कहासुनी हुई और बाद में उन्हीं युवकों ने रास्ता रोककर रोहित के साथ मारपीट करते हुए अधमरा कर दिया। रोहित ने इलाज के दौरान पीजीआई में दम तोड़ दिया। भिवानी से रोहतक ट्रांसफर हुआ केस
आईजी से मिले हुड्डा खाप के प्रतिनिधि कृष्ण हुड्डा ने कहा कि रोहित धनखड़ हत्याकांड में आईजी से मिले है। पहले केस भिवानी में था और अब केस रोहतक ट्रांसफर हो गया है। आईजी ने आश्वासन दिया है कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा। आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा। एएसपी वाईवीआर शशि शेखर के नेतृत्व में टीम गठित करने की बात कही है। भिवानी पुलिस की कार्रवाई से नहीं थे संतुष्ट
रोहित धनखड़ के चाचा सतीश धनखड़ ने बताया कि भिवानी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। लेकिन आज आईजी से मिलकर संतुष्टि हुई है। एक महीने से ऊपर हो गया, आज तक भिवानी पुलिस ने मात्र 5 आरोपी पकड़े है। हमें कोई भी बात खुलकर नहीं बता रहे थे। सतीश धनखड़ ने कहा कि भिवानी पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही थी जिसके कारण केस ट्रांसफर करवाया है। भिवानी पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी हो सकता है, जिसके कारण केस में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही थी। अब रोहतक एसपी से मिलकर केस के बारे में बात करेंगे। मर्डर केस में कार्रवाई नहीं हुई तो पंचायत लेगी बड़ा निर्णय
गांव हमायुंपुर के पूर्व सरपंच संदीप ने बताया कि रोहित मर्डर केस को 40 दिन हो सके है। अभी तक 5 आरोपियों से क्या पूछताछ हुई, इसके बारे में भिवानी पुलिस ने कुछ नहीं बताया। पुलिस कार्रवाई से परिवार संतुष्ट नहीं था। अब केस ट्रांसफर हो गया है और अच्छी एसआईटी गठित करके मामले में कार्रवाई करने का आईजी से आश्वासन मिला है। संदीप ने बताया कि भिवानी पुलिस को 10 नाम दिए थे, जिनमें से 5 आरोपी अभी फरार है, क्योंकि भिवानी पुलिस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही थी। अगर अब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 11 सदस्यों की कमेटी व पंचायत कोई बड़ा निर्णय ले सकती हैं। बाकी एसपी से मिलने के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।

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