चैती छठ के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था, आपदा जोखिम और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम श्रीकांत शास्त्री ने जिले की सभी नदियों में नाव के परिचालन पर कड़ाई से रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। डीएम ने कहा है कि चैती छठ 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्या अर्घ्य और 25 मार्च को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ पर्व का समापन होगा। इस अवसर पर गंगा नदी के सिमरिया घाट सहित विभिन्न नदी घाटों और तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने के लिए जुटते होते हैं। कई बार लोग नावों से भ्रमण करते हैं। आतिशबाजी भी करते हैं, जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या होने की आशंका रहती है। इस दौरान अधिक कमाई के लिए नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और तेज गति से नाव चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
एसडीओ, डीएसपी और सीओ को निगरानी के निर्देश संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए किसी भी अप्रिय घटना अथवा नाव दुर्घटना की आशंका को रोकने के लिए 24 मार्च से 25 मार्च तक बेगूसराय जिले की सभी नदियों में नावों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। सभी एसडीओ, डीएसपी और सीओ को अपने-अपने क्षेत्र में आदेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है। चैती छठ के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था, आपदा जोखिम और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएम श्रीकांत शास्त्री ने जिले की सभी नदियों में नाव के परिचालन पर कड़ाई से रोक लगाने का निर्देश जारी किया है। डीएम ने कहा है कि चैती छठ 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्या अर्घ्य और 25 मार्च को प्रातः कालीन अर्घ्य के साथ पर्व का समापन होगा। इस अवसर पर गंगा नदी के सिमरिया घाट सहित विभिन्न नदी घाटों और तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अर्घ्य देने के लिए जुटते होते हैं। कई बार लोग नावों से भ्रमण करते हैं। आतिशबाजी भी करते हैं, जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या होने की आशंका रहती है। इस दौरान अधिक कमाई के लिए नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और तेज गति से नाव चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
एसडीओ, डीएसपी और सीओ को निगरानी के निर्देश संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए किसी भी अप्रिय घटना अथवा नाव दुर्घटना की आशंका को रोकने के लिए 24 मार्च से 25 मार्च तक बेगूसराय जिले की सभी नदियों में नावों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। सभी एसडीओ, डीएसपी और सीओ को अपने-अपने क्षेत्र में आदेश का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।


