लखनऊ के संत गाडगे सभागार में भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) के चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शुभदीप राहा द्वारा निर्देशित नाटक ‘आयलैण्ड ऑफ ड्रीम्स’ ने दर्शकों को सपनों और हकीकत की एक अनोखी दुनिया से रूबरू कराया। यह नाटक विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध क्लासिक ‘मिड समर नाइट ड्रीम्स’ पर आधारित था। इसकी कहानी एक ऐसे संसार को दर्शाती है, जहाँ एक ओर सत्ता और शासक हैं, वहीं दूसरी ओर प्रेमी और उनका विद्रोह। सामाजिक बंधनों से मुक्त होकर प्रेमी एक ‘स्वप्नद्वीप’ का निर्माण करते हैं, जहाँ वे अपनी इच्छाओं के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करते हैं। जब जादू ने बदला किस्मत का खेल नाटक का मुख्य आकर्षण वह क्षण था जब प्रेम व्यवस्था और आत्म-नियंत्रण की सीमाओं से मुक्त हो जाता है। कहानी में ‘जादू’ के हस्तक्षेप से स्थितियाँ पूरी तरह बदल जाती हैं। हास्य से भरपूर यह प्रस्तुति दर्शाती है कि कैसे भावनाओं के भंवर में पहचान धुंधली पड़ जाती है और सामाजिक नियंत्रण बिखरने लगता है। छात्रों की मेहनत से सजा मंच निर्देशक शुभदीप राहा ने इस नाटक के लिए ‘डिवाईसिंग प्रक्रिया’ का प्रभावी ढंग से उपयोग किया। इसकी विशेषता यह थी कि छात्रों ने केवल अभिनय ही नहीं किया, बल्कि मंच-सज्जा, वेशभूषा और पूरी अवधारणा भी स्वयं तैयार की। गोविंद सिंह यादव की प्रकाश व्यवस्था, भास्कर ज्योति का संगीत और मुन्ना पटेल की नृत्य संरचना ने नाटक को और भी प्रभावशाली बना दिया।छात्रों ने शेक्सपियर की मानवीय संवेदनाओं को मंच पर सफलतापूर्वक जीवंत किया। यह प्रस्तुति नियंत्रण और स्वतंत्रता के बीच प्रेम की नाजुक संरचना को उजागर करती है। नाटक के समापन तक दर्शक कभी हँसते हुए तो कभी प्रेम की गहराई में डूबे हुए दिखाई दिए।


