सुल्तानपुर में प्रधानाचार्यों की खंड शिक्षा अधिकारी पदोन्नति शुरू:हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्षों बाद प्रक्रिया की शुरूआत

सुल्तानपुर में प्रधानाचार्यों की खंड शिक्षा अधिकारी पदोन्नति शुरू:हाईकोर्ट के निर्देश पर वर्षों बाद प्रक्रिया की शुरूआत

लखनऊ उच्च न्यायालय के निर्देश पर सुल्तानपुर में प्रधानाचार्यों की खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पद पर पदोन्नति की वर्षों से लंबित प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। यह पदोन्नति सेवा नियमावली 1992 के नियम 5(1) के अंतर्गत वरिष्ठ प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के लिए है। शिक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने इस संबंध में 23 जनवरी 2024 और 26 फरवरी 2024 को पत्र जारी किए हैं। इन पत्रों के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलों और जनपदों से पात्र अधिकारियों की अद्यतन वरिष्ठता सूची, प्रमाणित सेवा अभिलेख, सेवा पुस्तिका और अन्य आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में मांगे गए हैं। यह कार्यवाही इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा रिट याचिका संख्या 5943/2024 और संबंधित अवमानना वाद संख्या 4792/2024 में पारित आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति पर विचार केवल सेवा नियमावली 1992 के प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाए। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि पूर्व में निरस्त शासनादेश दिनांक 10 अप्रैल 2003 के आधार पर किए गए दावों को विधिसंगत नहीं माना जाएगा। शासन स्तर से सहमति मिलने के बाद, विभागीय स्तर पर सूचना संकलन, अभिलेखों का परीक्षण, पात्रता का सत्यापन और वरिष्ठता निर्धारण का कार्य सुव्यवस्थित रूप से चल रहा है। सुलतानपुर में वरिष्ठता क्रम के अनुसार सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज कटसारी की प्रधानाचार्या ऊषा देवी पाण्डेय प्रथम स्थान पर हैं। उनकी खंड शिक्षा अधिकारी पद पर पदोन्नति वरिष्ठता और पात्रता के आधार पर प्रस्तावित मानी जा रही है। संबंधित प्रधानाध्यापकों के अभिलेख सक्षम प्राधिकारी को अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप इस लंबित प्रकरण का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण हो सके।

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