कोंच प्रखंड के श्री गांव में बच्चों के सर्वांगीण विकास और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक बाल मेले का आयोजन किया गया। श्रीगांव प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस मेले का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह बाल मेला गुरुवार शाम चार बजे शुरू हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजेंद्र यादव, शिक्षक भूपेंद्र कुमार और श्री गांव पंचायत के उप मुखिया पति लालू यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विद्यालय के समस्त शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और स्थानीय व्यक्ति मनोज वर्मा ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चों ने किया अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन बाल मेले में बच्चों ने विभिन्न स्टॉल लगाए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीखते हैं। श्री गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया और बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि बाल मेलों का आयोजन सरकारी निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इस मेले ने बच्चों को खुशी देने के साथ-साथ समुदाय को विद्यालय से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया। कोंच प्रखंड के श्री गांव में बच्चों के सर्वांगीण विकास और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक बाल मेले का आयोजन किया गया। श्रीगांव प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस मेले का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह बाल मेला गुरुवार शाम चार बजे शुरू हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजेंद्र यादव, शिक्षक भूपेंद्र कुमार और श्री गांव पंचायत के उप मुखिया पति लालू यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विद्यालय के समस्त शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और स्थानीय व्यक्ति मनोज वर्मा ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चों ने किया अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन बाल मेले में बच्चों ने विभिन्न स्टॉल लगाए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीखते हैं। श्री गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया और बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि बाल मेलों का आयोजन सरकारी निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इस मेले ने बच्चों को खुशी देने के साथ-साथ समुदाय को विद्यालय से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।


