छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में 26 जनवरी को सभी बड़े उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। वहीं सामाजकि कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा के द्वारा कलेक्ट्रेट में महात्मा गांधी प्रतिमा के पास काला झंडा लगाकर शोक प्रगट किया गया। सोमवार की शाम को सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा हाथों में काला झंडा लेकर सबसे पहले अंबेडकर चौक पहुंचे। यहां उन्होंने शोक प्रकट किया। इसके बाद वे कलेक्टर परिसर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे। जहां उन्होंने काला झंडा लगाकर मौन रूप से अपना विरोध और दुख व्यक्त किया। इस दौरान राधेश्याम शर्मा ने कहा कि आज तक ऐसा कोई कार्य नहीं हुआ है जिसकी खुशी मनाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में आए दिन लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। उनके अनुसार अंधाधुंध औद्योगीकरण के कारण भारी वाहनों की चपेट में आकर असमय लोगों की जान जा रही है। इसके बाद भी इसे रोकने के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा शराब बिक्री के कारण असंख्य परिवार बर्बाद हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। लोग बीमार पड़ रहे हैं और प्रदूषण के चलते भी कई लोगों की असमय मौत हो रही है। राधेश्याम शर्मा ने कहा कि संविधान का पालन देश-प्रदेश में नहीं हो रहा है। राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग
उनका कहना है कि लोकतंत्र पूरी तरह विफल हो चुकी है। ऐसे में राधेश्याम शर्मा ने राष्ट्रपति के नाम संदेश देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यहां राष्ट्रपति शासन की आवश्यकता है। ताकि छत्तीसगढ़ के आम नागरिको की जीवन की रक्षा हो सके।
तब तक नहीं फहराउंगा तिरंगा
राधेश्याम शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज काला झंडा लेकर वे शोक मना रहे हैं, क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं, बीमारियों, प्रदूषण और अन्य कारणों से जिन लोगों की मृत्यु हुई है। उन्हें वे श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने अंत में कहा कि जब तक छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र की बहाली नहीं होती, तब तक मैं तिरंगा नहीं फहराऊंगा।


