BJP सांसद बोले-बेचारे गहलोत खुद को जिंदा दिखाने में लगे:कांग्रेस आलाकमान ने एक आदमी को उनकी टांग खींचने के लिए लगा रखा है

BJP सांसद बोले-बेचारे गहलोत खुद को जिंदा दिखाने में लगे:कांग्रेस आलाकमान ने एक आदमी को उनकी टांग खींचने के लिए लगा रखा है

सीकर में भाजपा स्टेट इंचार्ज और राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा। राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा- कांग्रेस आलाकमान ने एक आदमी को उनकी टांग खींचने के लिए लगा रखा है। बेचारे गहलोत दिल्ली वालों के सामने खुद को जिंदा दिखाने में लगे हुए हैं, इसलिए भाजपा के खिलाफ बोलते हैं। उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर हमलावर हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि अशोक गहलोत को कौन नहीं जानता? वे पहले अपनी पार्टी के अंदर निपट लें, भाजपा की चिंता वो बाद में करें तो ज्यादा ठीक है। वे दिल्ली के सामने यह साबित करने में लगे रहते हैं कि वे ही भाजपा के खिलाफ बोलते हैं और दूसरे वाले (पायलट) ने भाजपा के साथ समझौता किया हुआ है। इंचार्ज और सांसद राधा मोहनदास अग्रवाल ने सीकर में भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम में ये बातें कहीं। सांसद राधा मोहनदास अग्रवाल ने कही ये 6 बातें… 1.कुछ गलत तरीके से भी भर्ती हुए हैं प्रदेश में पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव को लेकर विपक्ष द्वारा बार-बार हमला करने के सवाल पर बोलते हुए प्रदेश प्रभारी अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत करने के बाद ही कोई अधिकृत सूचना दे पाऊंगा। सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 के निरस्त होने पर कहा कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। यह बहुत बड़ा निर्णय है। इस भर्ती में कुछ सही तरीके से भर्ती हुए थे तो कुछ गलत तरीके से भी भर्ती हुए हैं। जो गलत तरीके से भर्ती हुए उन्हें दंड मिलना चाहिए और जो मेहनत करके आए उनके साथ न्याय भी होना चाहिए। 2. राजनीतिक नियुक्तियां जल्द होंगी, अकेले सीएम नहीं करेंगे भाजपा इंचार्ज राधामोहन दास अग्रवाल ने राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कहा- हमारी पार्टी में किसी एक व्यक्ति की सरकार नहीं चलती है, राजनीतिक नियुक्तियां मुख्यमंत्री अकेले नहीं करते हैं, उन्हें मंत्री से बातचीत करनी होती है, संगठन से सहमति लेनी होती है और केंद्र नेतृत्व की सहमति लेनी होती है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हम व्यक्ति विशेष की सरकार चलाने वाले नहीं हैं। वे बोले कि राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर प्रदेश में प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही राजनीतिक नियुक्तियां प्रदेश में हो जाएंगी। 3. प. बंगाल में BJP जीत के मुहाने पर, केरल में मजहबी स्थितियां ठीक नहीं थीं 5 राज्यों के चुनाव को लेकर राधामोहन अग्रवाल बोले कि पिछले चुनाव में BJP और TMC के बीच 5 पर्सेंट का वोट डिफरेंस था। अब भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और ममता बनर्जी के कुकर्मों के कारण वह अंतर खत्म हो गया है। प. बंगाल में भाजपा जीत के मुहाने पर खड़ी है। तमिलनाडु में AIDMK और BJP का वोट बैंक मिलने से वहां मजबूत स्थिति है। केरल की मजहबी-धार्मिक स्थितियों की वजह से पहले वहां कमजोर थे, लेकिन अब वहां भाजपा मजबूत स्थिति में है। यह तो नहीं कह रहे हैं कि वहां भाजपा की सरकार बनेगी, लेकिन केरल की जनता भाजपा को तीसरे मोर्चे के रूप में देख रही है। अब वहां राष्ट्रवादी विचारधारा को बढ़ाएंगे। 4. भाजपा अभी 23 करोड़ लोगों की पसंद, 90 करोड़ लोगों को भाजपामय करना है भाजपा के स्थापना दिवस को लेकर राधा मोहनदास अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के संगठन में 14 करोड़ लोगों की प्राथमिक सदस्यता है। 13 राज्यों में BJP और 18 में NDA की सरकार है। गत लोकसभा चुनाव 2024 में NDA को 23 करोड़ वोट मिले थे, अब इस आंकड़े को 90 करोड़ तक ले जाकर देश के हर व्यक्ति को भाजपामय बनाना है। 1951 में जनसंघ के रूप में शुरू हुआ सफर आज भी पंचसिद्धांतों के साथ BJP कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में बढ़ रहा है। 5. भजनलाल सरकार को 10 में से 10 नंबर दूंगा भाजपा सरकार के ढाई सल के कार्यकाल को नंबर देने को लेकर अग्रवाल ने कहा- अगर 10 में से 10 नंबर दूंगा तो लोग कहेंगे कि पक्षपात कर दिया। लेकिन बड़ी बात ये है कि आखिर नंबर कहां से घटाएं? राजस्थान की राजनीति से प्रत्यक्ष संबंध तो नहीं है। लेकिन जनता के बीच बात करता हूं तो मुख्यमंत्री और राजस्थान की सरकार से यहां की जनता पूरी तरह से संतुष्ट है तो वहीं, केंद्रीय नेतृत्व भी पूरी तरह से संतुष्ट है। 6. कर्नाटक में कुत्तों की तरह लड़ रहे हैं मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री राधा मोहन अग्रवाल ने कहा- कर्नाटक में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कुत्तों की तरह झगड़ रहे हैं। कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहता है कि ऊपर से जो निर्णय होगा वह लागू होगा, इस तरह कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथ में भी कुछ नहीं है। भाजपा में निर्णय समन्वय, संतुलन और सामूहिकता से होता है। इसे समझने के लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा समेत जो वहां(कांग्रेस में) 2-5 लोग बचे हैं, उन्हें विधायक सुभाष मील की तरह कांग्रेस से भाजपा में आना होगा। डोटासरा जैसे लोग जब भाजपा में आ जाएंगे तो उन्हें खुद समझ में आ जाएगा की भाजपा एक अलग प्रकार का संगठन है। हम उन्हें बुलाने तो जाएंगे नहीं क्योंकि भाजपा को तो जरूरत है नहीं, वो खुद ही आ जाएं।

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