BJP सांसद Jagdambika Pal की सरकार से बड़ी मांग, Anganwadi Workers का मानदेय एक समान हो

BJP सांसद Jagdambika Pal की सरकार से बड़ी मांग, Anganwadi Workers का मानदेय एक समान हो

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक सांसद ने सोमवार को देश भर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय एक समान करने तथा उन्हें 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिये जाने की मांग की।
लोकसभा में शून्य काल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा के जगदंबिका पाल ने कहा कि देश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की संख्या करीब 12 लाख 93 हजार है।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का वेतन एक समान करने की मांग करते हुए कहा, ‘‘उनके महत्वपूर्ण योगदान के बावजूद, मानदेय के रूप में उन्हें विभिन्न राज्यों में छह हजार रुपये, आठ हजार रुपये या दस हजार रुपये मिल रहे हैं।’’

भाजपा सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि चूंकि वे राष्ट्रीय योजनाओं को वास्तविकता की धरातल पर उतारने का काम कर रही हैं, इसलिए उन्हें नियमित करने पर विचार किया जाए।
पाल ने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्तमान में मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सरकार से इन्हें भी इस कानून के तहत 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने की मांग की।

समाजवादी पार्टी (सपा) के नारायणदास अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र जालौन (उत्तर प्रदेश) में बसौर-बरार समुदाय के लोगों की संख्या शून्य घोषित किये जाने से वे सरकार की कल्याण योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए हैं।
उन्होंने दावा किया, ‘‘दिनांक छह जुलाई 2024 को परियोजना निदेशक द्वारा (उप्र) शासन को भेजे गए पत्र में यह उल्लेख किया गया कि जिले में इस जाति के लोगों की संख्या शून्य है।

वहीं, जब इस संबंध में परियोजना निदेशक से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि नौ विकास खंड अधिकारियों ने लिखित रूप से यह सूचित किया है कि उनके क्षेत्र में बसौर-बरार जाति के लोग निवास नहीं करते।’’
सपा सांसद ने कहा कि यह तथ्य न केवल सत्य से परे है, बल्कि एक समुदाय विशेष के प्रति ‘‘गहरी उपेक्षा और संवेदनहीनता’’ को भी दर्शाता है।
उन्होंने दावा किया कि इस कारण समुदाय के पात्र लोग मुख्यमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण लाभ से वंचित हो गए हैं। उन्होंने जालौन जिले में समुदाय के सभी परिवारों का भौतिक सत्यापन कराने तथा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्राथमिकता सूची में शामिल करने की मांग की।

सपा के ही बाबू सिंह कुशवाहा ने देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हाल में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि की गई, जो पिछले 11 महीने में दूसरी बार हुई है। उन्होंने कहा कि इससे आम आदमी की रसोई पर प्रभाव पड़ रहा है।
कांग्रेस के किरसन नामदेव ने छत्तीसगढ़ के गडचिरौली में निजी उद्योगों के लिए किसानों की उर्वर भूमि का अधिग्रहण किये जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि किसानों की उर्वर जमीन छीन ली जाएगी तो उनके पास खेती के लिए कुछ नहीं बचेगा।

उन्होंने अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
कांग्रेस की वर्षा एकनाथ गायकवाड ने उल्लेख किया कि मुंबई में रेल लाइन के किनारे हजारों परिवारों की झुग्गियां हैं। उन्होंने कहा कि 3,150 झोपड़ियों के निवासियों को उन्हें खाली करने का नोटिस दिया गया है और उन्हें तोड़ने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर निर्मित झुग्गियों पर कोई नीति नहीं है तथा मुंबई मे हजारों लोग रक्षा विभाग और रेलवे की जमीन पर रहते हैं। उन्होंने उनके पुनर्वास की सरकार से मांग की।

भाजपा के अनूप संजय धोत्रे ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 8,110 रुपये करने की मांग की। उन्होंने कपास उत्पादकों को राहत देने के लिए इस पर आयात कर मौजूदा पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का भी आग्रह किया।
भाजपा के भरत सिंह कुशवाहा ने ग्वालियर के अनेक भागों में कच्चे नाले और अनियोजित सीवेज का मुद्दा उठाते हुए मध्यप्रदेश के इस शहर में सुनयोजित तरीके से जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की।

जनता दल (यूनाइटेड) के कौशलेंद्र कुमार ने बिहार में कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल करने पर केंद्र से विचार करने और इस संबंध में राज्य सरकार के साथ परामर्श करने का आग्रह किया।
उन्होंने अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी माटी कला बोर्ड के गठन के लिए कदम उठाने की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *