बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मांगी माफी पर नहीं पिघला हाईकोर्ट, दिखाई सख्ती

बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मांगी माफी पर नहीं पिघला हाईकोर्ट, दिखाई सख्ती

Sanjay Pathak- भाजपा विधायक संजय पाठक की मुसीबतें कम नहीं हो रहीं हैं। आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने उन्हें कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की तरफ से हलफनामा पेश किया गया जिसमें अपनी गलती स्वीकार कर बिना शर्त माफी मांगी गई है। कोर्ट ने हलफनामा रिकॉर्ड पर लेते हुए नोटिस जारी कर विधायक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अगली सुनवाई 21 अप्रेल को होगी।

कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि भाजपा विधायक संजय पाठक से संबंधित कंपनी के विरुद्ध अवैध उत्खनन के मामले में जस्टिस विशाल मिश्रा ने एक सितंबर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था।

पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार को तर्क दिया कि आपराधिक अवमानना में तभी दंड का प्रावधान है, जब गलती अक्षम्य हो

विधायक की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार को तर्क दिया कि आपराधिक अवमानना में तभी दंड का प्रावधान है, जब गलती अक्षम्य हो या संबंधित व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार नहीं करे। भाजपा विधायक ने अपनी गलती स्वीकार कर बिना शर्त माफी के संबंध में हलफनामा पेश किया है। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी।

प्रशासन ने विधायक संजय पाठक से जुड़ी फर्मों पर 443 करोड़ का जुर्माना लगाया, इसी मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट जज से उन्होंने सीधा संपर्क किया

बता दें कि संजय पाठक विजयराघवगढ़ से भाजपा के विधायक हैं। वे पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं। विधायक संजय पाठक अवैध खनन के मामले में घिरे हैं। उनसे जुड़ीं पारिवारिक फर्मों पर अनुमति से अधिक खनन के आरोप हैं। प्रशासन ने विधायक संजय पाठक से जुड़ी फर्मों पर 443 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसी मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट जज से उन्होंने सीधा संपर्क किया जिसके बाद संबंधित जज सुनवाई से दूर हो गए। इसपर हाईकोर्ट ने मामले में विधायक संजय पाठक पर आपराधिक अवमानना चलाने के आदेश दिए हैं।

जनसभा में बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए ​नया जनादेश लेने की बात कही

विधायक संजय पाठक ने हाल ही में कैमोर में आयोजित जनसभा में बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए ​नया जनादेश लेने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि यदि जनता उनके कार्यकाल को 51 प्रतिशत से कम समर्थन देती है तो वह तत्काल इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव कराएंगे। विधायक संजय पाठक का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

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