राजिम कुंभ कल्प मेले में अव्यवस्थाओं को देखकर राजिम विधायक रोहित साहू अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। यह पूरा मामला राजिम कुंभ में परफॉर्म करने आए कलाकारों के खाने और पीने के पानी की व्यवस्था से जुड़ा था। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों को कहा कि वह सरकार की इमेज की धनिया हो रहे हैं। सरकार की बेइज्जती हो रही है। इस दौरान सामने मौजूद अधिकारी अगल-बगल झाकते दिखें। विधायक ने आयोजन में लापरवाही को गंभीर मानते हुए उन्होंने जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को सख्त चेतावनी दी। विधायक ने कहा कि अधिकारी हों या इवेंट कंपनी, सरकार की छवि धूमिल करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पत्रकारों और नागरिकों की शिकायत बनी वजह दरअसल, एक दिन पहले पत्रकारों और आम नागरिकों द्वारा इवेंट कंपनी पर मनमानी, अनावश्यक रोक-टोक और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। इन शिकायतों को लेकर विधायक रोहित साहू से मुलाकात की गई थी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे।
कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार का मामला
इसके बावजूद अगले ही दिन अव्यवस्था का एक और गंभीर मामला सामने आया। मुख्यमंच पर प्रस्तुति देने आए कलाकारों को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब डेढ़ घंटे तक बैठाए रखा गया और उन्हें भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। कलाकारों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार की जानकारी मिलते ही विधायक रोहित साहू तुरंत मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों और इवेंट कंपनी को फटकार
मौके पर पहुंचकर विधायक ने जिला प्रशासन के अधिकारियों और इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों से जवाब तलब किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वे नाराज हो गए और सभी को कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला आस्था, संस्कृति और प्रदेश की पहचान से जुड़ा आयोजन है, इसकी गरिमा से कोई भी खिलवाड़ नहीं कर सकता। श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कलाकारों को किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। कलाकारों को खुद ले जाकर कराया भोजन
इसके बाद विधायक रोहित साहू सभी कलाकारों को अपने साथ एक निजी रेस्टोरेंट ले गए और उन्हें भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।


