भाजपा ने चोरी के एक आरोपी को मंडल अध्यक्ष बना दिया। इससे पार्टी के अंदर ही सियासी गर्मा गई है। मामला चर्चा में आने के बाद संगठन के पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर हाथ पीछे खींच रहे हैं। वहीं, इस विवादित नियुक्ति पर एक जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भाजपा ने मंगलवार को आगरा जिले के 10 मंडलों के अध्यक्षों की सूची जारी की। इसमें तीसरे नंबर पर जगनेर मंडल के अध्यक्ष देवकी नंदन शर्मा का नाम है। बताया जा रहा है, देवकी नंदन वर्ष 2025 में चोरी के आरोप में पकड़े जा चुके हैं। पुलिस की जीडी (जनरल डायरी) में उनका नाम है। ये था मामला
जीडी के अनुसार, तत्कालीन जगनेर थानाध्यक्ष अंकुर मलिक 28 अगस्त 2025 की रात को अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि चोरी की वारदात के दो आरोपी भोजपुर पुलिया के पास भागने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस ने दबिश देकर देवकी नंदन और उसके साथ मनमोहन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ की तो पता चला कि दोनों मुकदमा संख्या 32/2024 धारा 379/420/120बी थाना जगनेर में वांछित अभियुक्त हैं। मामला बोलेरो चोरी से जुड़ा बताया जा रहा है। पार्टी में बढ़ी अंदरुनी कलह
मंडल अध्यक्ष पद पर चोरी की आरोपी की नियुक्ति की जानकारी होने के बाद पार्टी में अंदरुनी कलह बढ़ गई है। क्षेत्र जो कार्यकर्ता इस पद के लिए दावेदारी कर रहे थे, इंटर्नल उन्होंने मोर्चा खोल दिया है। वे पार्टी के फैसले पर सवाल खड़ा रहे हैं।
बताया जा रहा है, चोरी के आरोपी की नियुक्ति एक जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर हुई है। जैसे ही मामला संज्ञान में आया, संगठन में हलचल मच गई। अब सब कन्नी काटने में लगे हैं। इनकी नियुक्ति की जारी की गई सूची… जगनेर मंडल अध्यक्ष को लेकर जो विवाद बताया जा रहा है, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं जानकारी जुटा रहा हूं। प्रशांत पौनिया, जिलाध्यक्ष, भाजपा


