भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) किशनगंज के जिला महामंत्री कौशल झा ने शहरी जलापूर्ति योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री, नगर एवं आवास विभाग मंत्री, किशनगंज के जिला पदाधिकारी और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। झा बोले- योजना कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई
झा ने अपने पत्र में बताया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व नगर पंचायत बहादुरगंज में शहरी जलापूर्ति के लिए 13 करोड़ रुपए की लागत से निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके तहत नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में कुल 27 आयरन रिमूवल संयंत्र स्थापित किए गए थे। हालांकि, उनका आरोप है कि यह योजना केवल खानापूर्ति बनकर रह गई और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। आयरन युक्त पानी की आपूर्ति हो रही
कौशल झा के अनुसार, अधिकांश आयरन रिमूवल संयंत्रों का उचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। जलापूर्ति के नाम पर आयरन-मुक्त पानी के बजाय आयरन-युक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस कारण नगरवासी सरकारी नल से आने वाले पानी को पीना तो दूर, कपड़े धोने से भी परहेज कर रहे हैं। पदाधिकारियों की भी मिलीभगत
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत बहादुरगंज में शहरी जलापूर्ति योजना के नाम पर संवेदक, अभियंता और पदाधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की राशि में भारी अनियमितता बरती गई है। झा ने इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) किशनगंज के जिला महामंत्री कौशल झा ने शहरी जलापूर्ति योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री, नगर एवं आवास विभाग मंत्री, किशनगंज के जिला पदाधिकारी और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। झा बोले- योजना कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई
झा ने अपने पत्र में बताया कि लगभग पांच वर्ष पूर्व नगर पंचायत बहादुरगंज में शहरी जलापूर्ति के लिए 13 करोड़ रुपए की लागत से निविदा आमंत्रित की गई थी। इसके तहत नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में कुल 27 आयरन रिमूवल संयंत्र स्थापित किए गए थे। हालांकि, उनका आरोप है कि यह योजना केवल खानापूर्ति बनकर रह गई और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। आयरन युक्त पानी की आपूर्ति हो रही
कौशल झा के अनुसार, अधिकांश आयरन रिमूवल संयंत्रों का उचित रखरखाव नहीं किया जा रहा है। जलापूर्ति के नाम पर आयरन-मुक्त पानी के बजाय आयरन-युक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस कारण नगरवासी सरकारी नल से आने वाले पानी को पीना तो दूर, कपड़े धोने से भी परहेज कर रहे हैं। पदाधिकारियों की भी मिलीभगत
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पंचायत बहादुरगंज में शहरी जलापूर्ति योजना के नाम पर संवेदक, अभियंता और पदाधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की राशि में भारी अनियमितता बरती गई है। झा ने इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


