तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की उम्मीदवारी सूची में अपना नाम न होने पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि चुनाव न लड़ने का फैसला पूरी तरह से उनका अपना था। कोयंबटूर से चेन्नई पहुंचने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को लिखित रूप में काफी पहले ही दे दी थी। उन्होंने कहा कि मैंने कोर कमेटी को पहले ही बता दिया है कि मैं किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ूंगा। इसलिए, ऐसा नहीं है कि मुझे टिकट देने से इनकार किया गया। सच तो यह है कि मैं चुनाव लड़ना ही नहीं चाहता था।
इसे भी पढ़ें: Annamalai को किनारे कर BJP ने कोई सियासी चाल चली है या पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है?
अपनी उम्मीदवारी को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि जब उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, तो नेतृत्व उन्हें सीट कैसे दे सकता है। उन्होंने कहा कि जब मैं चुनाव लड़ना ही नहीं चाहता, तो नेतृत्व मुझे टिकट कैसे दे सकता है? उन्होंने आगे कहा कि मीडिया में इस मामले पर चर्चा होने के कारण वे स्पष्टीकरण दे रहे हैं। भाजपा नेता ने अपने फैसले का सम्मान करने और एनडीए गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने की अनुमति देने के लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद दिया। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मैं राज्य में गठबंधन के उम्मीदवारों का सक्रिय रूप से समर्थन करूंगा।
इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu का चुनावी रण: Congress ने उतारे 27 सूरमा, देखें K. Selvaperunthagai समेत पूरी लिस्ट
अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज चेन्नई यात्रा का भी जिक्र किया और बताया कि पुडुचेरी में अपना प्रचार समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और फिर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन में आगे प्रचार करने के लिए कोच्चि रवाना होंगे। यह स्पष्टीकरण भाजपा द्वारा एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए के तहत तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 27 उम्मीदवारों की सूची जारी करने के एक दिन बाद आया है, जिसमें अन्नामलाई का नाम न होना सबसे बड़ा विवाद का विषय बन गया है। इससे पहले कोयंबटूर क्षेत्र के निर्वाचन क्षेत्रों से उनका नाम जोड़ा गया था।


