पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां गुरुवार को फतेहाबाद में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बगावती नेता पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे बृजेंद्र सिंह की सदभाव यात्रा को लेकर जानकारी साझा की। इस दौरान बीर सिंह दलाल समेत कई नेता मौजूद रहे। बता दें कि, प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा साल 2024 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट के दावेदार थे। उससे पहले वह पूर्व सीएम हुड्डा के सबसे नजदीकी नेताओं में रहे। मगर विधानसभा चुनाव में टिकट बलवान दौलतपुरिया को मिल गई। इसके बाद से गिल्लाखेड़ा हुड्डा से नाराज चल रहे हैं। पिछले दिनों वह हिसार में हुड्डा के बगावती खेमे में खड़े नजर आए थे। 17 मार्च को सिरसा लोकसभा में पहुंचेंगी सदभाव यात्रा बीरेंद्र सिंह डूमरखां ने कहा कि अब तक सदभाव यात्रा 61 विधानसभा क्षेत्रों में 2 हजार किलोमीटर चल चुकी है। अब 17 मार्च से सिरसा लोकसभा क्षेत्र में यात्रा प्रवेश करेगी। फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में पांच दिन रहेंगे। इसके बाद सिरसा जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे। आखिरी चरण में करनाल से 20 हलकों में जाकर 5 मई को यात्रा रोहतक में संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हारने के बाद कोई गतिविधि नहीं हो रही थाी। कांग्रेस के जीतने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कार्यकर्ताओं में मायूसी का वातावरण था, इसलिए सदभाव यात्रा निकालने का फैसला लिया गया। इस यात्रा का आने वाले समय में जरूर प्रभाव पड़ेगा। बाेले-पहले तो प्रत्याशी बनने वालों की ही कांग्रेस थी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पहले कांग्रेस उन लोगों के बीच में थी, जो प्रत्याशी बनना चाह रहे थे। 11-12 साल तक संगठन ही नहीं रहा। अब जिला स्तर तक कार्यकारिणी बन चुकी है। संगठन जितना बड़ा और मजबूत होगा, उतना ही लोग जुड़ेंगे। कई लोग सीनियर तो बन गए, लेकिन मेरे से सीनियर कोई नहीं है। 32 जिलों में से आधे जिलाध्यक्षों ने यात्रा में हिस्सा लिया है। राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला, कैप्टन अजय यादव, कुलदीप शर्मा भी यात्रा में शामिल हुए हैं। साधारण आदमी कांग्रेस के इस मूव को पसंद कर रहा है। बचे हुए सीनियर लीडर भी आ जाएंगे। जो पीछे रह गया वो रास्ते की गर्दिश। रोहतक में भूपेंद्र हुड्डा से ज्यादा मेरी प्रॉपर्टी बीरेंद्र सिंह ने यात्रा को रोहतक में संपन्न करने के कारण को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि रोहतक में भूपेंद्र हुड्डा से ज्यादा मेरी प्रॉपर्टी है। मेरे नाना की प्रॉपर्टी भी अब मेरी ही है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि 20 कंडीडेट थे। एक को टिकट मिली तो 19 बागी हो गए। इसी का कांग्रेस को नुकसान हुआ।


