पूर्णिया के बायसी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मास्टर-की से बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चोरी की 8 बाइक के साथ गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार का जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बायसीके अलग-अलग गांव के रहने वाले है। आरोपियों में माला गांव के वार्ड 8 के रहने वाले रोहित सिंह(28), वरुण सिंह(25), हरेरामपुर निवाली रामचंद्र यादव(39), हाथीबंधा के सरवर(31), शादीपुर भुतहा निवासी भीम यादव(26) और रविंद्र राम(33) शामिल है। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया थानाध्यक्ष शिव कुमार पासवान ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था। गश्त के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने बाइक चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने अन्य साथियों के नाम बताया। निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोर गिरोह के सदस्यों को चोरी के बाइक के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में पकड़े गए चोरों ने बताया कि वे सड़क किनारे, बाजारों में या फिर भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगी बाइक को निशाना बनाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य पहले रेकी करते, इसके बाद मौका पाकर गिरोह के दूसरे सदस्य मास्टर-की से बाइक का लॉक तोड़ते और फिर बड़े ही शातिराना अंदाज में वहां से गाड़ी लेकर भाग निकलते थे। चोरी की बाइक का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में किया जाता था। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पूछताछ के बाद बरामद बाइक को जब्त करते हुए सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पूर्णिया के बायसी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मास्टर-की से बाइक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में चोरी की 8 बाइक के साथ गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार का जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बायसीके अलग-अलग गांव के रहने वाले है। आरोपियों में माला गांव के वार्ड 8 के रहने वाले रोहित सिंह(28), वरुण सिंह(25), हरेरामपुर निवाली रामचंद्र यादव(39), हाथीबंधा के सरवर(31), शादीपुर भुतहा निवासी भीम यादव(26) और रविंद्र राम(33) शामिल है। आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया थानाध्यक्ष शिव कुमार पासवान ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था। गश्त के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने बाइक चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अपने अन्य साथियों के नाम बताया। निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से चोर गिरोह के सदस्यों को चोरी के बाइक के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में पकड़े गए चोरों ने बताया कि वे सड़क किनारे, बाजारों में या फिर भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगी बाइक को निशाना बनाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य पहले रेकी करते, इसके बाद मौका पाकर गिरोह के दूसरे सदस्य मास्टर-की से बाइक का लॉक तोड़ते और फिर बड़े ही शातिराना अंदाज में वहां से गाड़ी लेकर भाग निकलते थे। चोरी की बाइक का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में किया जाता था। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पूछताछ के बाद बरामद बाइक को जब्त करते हुए सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


