गुमला के बिशनपुर प्रखंड के बनारी गांव में 22 वर्षीय संतोष उरांव की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ, जब संतोष अपने दोस्त के साथ बेती गांव से लौट रहा था। बेती पुल के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ बैठे दोस्त को हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही बिशनपुर थाना के एसआई कुंदन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायल संतोष को पहले बिशनपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हिमाचल से लौटा था घर, नहीं पह रखा था हेलमेट मृतक के परिजन जय मंगल उरांव ने बताया कि संतोष उरांव हिमाचल प्रदेश में मजदूरी का काम करता था। वह शनिवार को ही काम से लौटकर अपने गांव आया था। परिवार के साथ कुछ समय बिताने के बाद वह दोस्त के साथ घूमने निकला था। हादसे के वक्त संतोष ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका जताई जा रही है। बाइक पर उसके साथ कार्तिक उरांव भी सवार था, जिसे हल्की चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने बिशनपुर स्वास्थ्य केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब संतोष को गंभीर हालत में वहां लाया गया, तब स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऑक्सीजन की कमी के कारण ही संतोष की मौत हो गई। इस आरोप के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। संतोष अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। गुमला के बिशनपुर प्रखंड के बनारी गांव में 22 वर्षीय संतोष उरांव की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ, जब संतोष अपने दोस्त के साथ बेती गांव से लौट रहा था। बेती पुल के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके साथ बैठे दोस्त को हल्की चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही बिशनपुर थाना के एसआई कुंदन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायल संतोष को पहले बिशनपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सदर अस्पताल, गुमला भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हिमाचल से लौटा था घर, नहीं पह रखा था हेलमेट मृतक के परिजन जय मंगल उरांव ने बताया कि संतोष उरांव हिमाचल प्रदेश में मजदूरी का काम करता था। वह शनिवार को ही काम से लौटकर अपने गांव आया था। परिवार के साथ कुछ समय बिताने के बाद वह दोस्त के साथ घूमने निकला था। हादसे के वक्त संतोष ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने की आशंका जताई जा रही है। बाइक पर उसके साथ कार्तिक उरांव भी सवार था, जिसे हल्की चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने बिशनपुर स्वास्थ्य केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब संतोष को गंभीर हालत में वहां लाया गया, तब स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऑक्सीजन की कमी के कारण ही संतोष की मौत हो गई। इस आरोप के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। संतोष अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।


