बीकानेर विकास प्राधिकरण बोर्ड:शहर के मास्टर प्लान का अनुमोदन; गोचर भूमि को विशेष क्षेत्र माना, सरकार की अनुमति से हो सकेगा नगरीय उपयोग

बीकानेर विकास प्राधिकरण बोर्ड:शहर के मास्टर प्लान का अनुमोदन; गोचर भूमि को विशेष क्षेत्र माना, सरकार की अनुमति से हो सकेगा नगरीय उपयोग

बीकानेर विकास प्राधिकरण बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में मास्टर प्लान 2043 का अनुमोदन कर दिया गया है। इसके तहत गोचर भूमि को स्पेशल एरिया माना गया है। यानी राज्य सरकार की मंजूरी पर इसका नगरीय उपयोग किया जा सकेगा। नगरीकरण योग्य क्षेत्र में स्थित राजस्व ग्राम शरह नथानिया, सुजानदेसर, भीनासर और उदयरामसर की चारागाह/राजकीय भूमि को स्पेशल एरिया के रूप में दर्शाया गया है। कलेक्ट्रेट में आयोजित बोर्ड की मीटिंग में मास्टर प्लान 2043 का अनुमोदन कर दिया गया। शोभासर और हिमतासर की आबादी को भी मास्टर प्लान में दर्शाया गया है। रेलवे स्टेशन से रेलवे ग्राउंड की ओर जाने वाला मार्ग 60 फीट चौड़ा होगा। मास्टर प्लान में चयनित स्थानों पर लॉजिस्टिक हब एवं ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किए गए हैं। गौरतलब है कि मास्टर प्लान के लिए 227 बिंदुओं पर आपत्ति और सुझाव आए थे। उनमें से 26 आपत्तियां पूर्ण रूप से और 25 आंशिक रूप से स्वीकार की गईं। 136 आपत्तियों पर कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं की गई तथा 40 आपत्तियां स्वीकार करने योग्य नहीं पाई गईं। कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने बताया कि आपत्तियां और सुझावों का परीक्षण करने के बाद मास्टर प्लान में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। मास्टर प्लान राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी माना जाएगा। बैठक में बीकानेर विकास प्राधिकरण आयुक्त अपर्णा गुप्ता, नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष, बीडीए सचिव कुलराज मीणा, उपायुक्त ऋषि सुधांशु पांडे, रीको के रीजनल मैनेजर एसपी शर्मा, रोडवेज प्रबंधक इंद्रा गोदारा, बीकानेर विकास प्राधिकरण के निदेशक (वित्त) नरेश राजपुरोहित सहित बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बीडीए की बैठक में विकास का खाका तैयार किया बीडीए और निगम करेंगे दशहरा उत्सव का आयोजन बीडीए की बैठक में दशहरा उत्सव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसका आयोजन अब बीडीए और नगर निगम संयुक्त रूप से करेगा। दशहरा पर्व के लिए अलग-अलग संस्थाओं को अनुदान नहीं मिलेगा। दिवाली पर अस्थायी दुकानों का आवंटन किया जाएगा। बीडीए ने अर्जित की 375.33 करोड़ रुपए आय बीडीए ने वित्तीय वर्ष में 90.49 करोड़ रुपए की आय के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 375.33 करोड़ रुपए की आय अर्जित की है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 315 प्रतिशत अधिक है। इससे शहर में विकास कार्यों को नई गति मिली। नाल, जयपुर-श्रीगंगानगर बाइपास पर आवासीय योजनाएं बीडीए की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राधिकरण द्वारा नाल इंट्रीग्रेटेड योजना, 1 बीएसएम जयपुर-श्रीगंगानगर बाईपास योजना तथा भोजनशाला वेयरहाउस योजना सहित वर्तमान योजनाओं के माध्यम से लगभग 136 करोड़ रुपए की आय अर्जित करना प्रस्तावित किया गया है। इसी प्रकार कृषि भूमि नियमन से आय में गत वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 1319 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में लगभग 15 करोड़ रुपए की आय का अनुमान प्रस्तावित किया गया है। 300 करोड़ की आय और विकास कार्य प्रस्तावित वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 300 करोड़ रुपए की अनुमानित आय तथा 300 करोड़ रुपए के अनुमानित व्यय का संतुलित बजट प्रस्तावित किया गया है। प्रस्तावित बजट में शहर के योजना क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास के लिए लगभग 82.55 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सड़क, पार्क, नाली निर्माण तथा स्ट्रीट लाइट आदि कार्यों पर लगभग 25.50 करोड़ रुपए व्यय किए जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही कच्ची बस्तियों के उन्नयन तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है। “गोचर भूमि को स्पेशल एरिया घोषित किया गया है। इसके लिए सभी पक्षों सहित सरकार की भी सहमति थी। कलेक्टर और बीडीए अब अपनी मर्जी से उसका उपयोग नहीं कर सकेंगे। नगरीय उपयोग का फैसला सरकार ही करेगी।”
-अपर्णा गुप्ता, आयुक्त, बीडीए

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