चतरा के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बिहार के एक युवक की मौत हो गई। युवक अपने ससुराल जा रहा था, तभी कौरा-राजपुर मुख्य मार्ग पर उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह घटना मंगलवार शाम करीब 5:53 बजे हुई। मृतक की पहचान बिहार राज्य के सलैया थाना अंतर्गत शेवती गांव निवासी परवन भारती (28) के रूप में हुई है। वह इतवारी भारती के पुत्र थे। परवन भारती प्रतापपुर के सिद्धूकी गांव स्थित अपने ससुराल जा रहे थे। दुर्घटना कौरा-राजपुर सड़क मार्ग पर इमली के पेड़ के पास हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। स्थानीय निवासी नीतीश कुमार ने तत्काल घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही प्रतापपुर चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार ने मौके पर एंबुलेंस रवाना की। हालांकि, एंबुलेंस और मदद पहुंचने से पहले ही अत्यधिक रक्तस्राव और ठंड के कारण परवन भारती ने दम तोड़ दिया था। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमॉर्टम से बचते हुए शव को अपने साथ बिहार वापस ले जाने का फैसला किया। इसके बाद एंबुलेंस को खाली हाथ लौटना पड़ा। चतरा के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बिहार के एक युवक की मौत हो गई। युवक अपने ससुराल जा रहा था, तभी कौरा-राजपुर मुख्य मार्ग पर उसकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह घटना मंगलवार शाम करीब 5:53 बजे हुई। मृतक की पहचान बिहार राज्य के सलैया थाना अंतर्गत शेवती गांव निवासी परवन भारती (28) के रूप में हुई है। वह इतवारी भारती के पुत्र थे। परवन भारती प्रतापपुर के सिद्धूकी गांव स्थित अपने ससुराल जा रहे थे। दुर्घटना कौरा-राजपुर सड़क मार्ग पर इमली के पेड़ के पास हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। स्थानीय निवासी नीतीश कुमार ने तत्काल घटना की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही प्रतापपुर चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार ने मौके पर एंबुलेंस रवाना की। हालांकि, एंबुलेंस और मदद पहुंचने से पहले ही अत्यधिक रक्तस्राव और ठंड के कारण परवन भारती ने दम तोड़ दिया था। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमॉर्टम से बचते हुए शव को अपने साथ बिहार वापस ले जाने का फैसला किया। इसके बाद एंबुलेंस को खाली हाथ लौटना पड़ा।


