मधुबनी में बिहार का पहला शिल्पग्राम शुरू:केंद्र-राज्य सहयोग से हुआ उद्घाटन, तीन पद्मश्री वाला देश का अनोखा गांव, मंत्री अरुण शंकर रहे मौजूद

मधुबनी में बिहार का पहला शिल्पग्राम शुरू:केंद्र-राज्य सहयोग से हुआ उद्घाटन, तीन पद्मश्री वाला देश का अनोखा गांव, मंत्री अरुण शंकर रहे मौजूद

मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड स्थित जितवारपुर गांव में शनिवार को बिहार के पहले शिल्पग्राम का कार्यारंभ हुआ। यह ऐतिहासिक क्षण वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के नेशनल हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम और बिहार संग्रहालय, पटना के सहयोग से संभव हुआ। चार सौ घरों वाला जितवारपुर देश का एकमात्र गांव है जिसने सर्वाधिक तीन पद्मश्री पुरस्कार दिए हैं। यहां चंद्रकला देवी को पेपरमेशी कला में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इसके अतिरिक्त, गांव में 18 राष्ट्रीय और लगभग 50 से अधिक राज्य स्तरीय कलाकार हैं, जिनमें शिल्पगुरु सम्मान प्राप्त तीन कलाकार भी शामिल हैं। इस शिल्पग्राम का उद्घाटन बिहार सरकार के कला-संस्कृति विभाग के मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर विधायक मोहम्मद आसिफ अहमद, पूर्व विधायक हरीभूषण ठाकुर ‘बचोल’ और वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक बीके झा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें.. फूल बरसाते हुए उन्हें कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया
गांववालों ने बैंड-बाजे के साथ गांव के प्रवेश द्वार पर मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, अपर निदेशक सह नोडल पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। उन पर फूल बरसाते हुए उन्हें कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। प्रबंध निदेशक भी मौजूद थे
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड पटना के महाप्रबंधक अरुण कुमार और प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद थे। अशोक कुमार सिन्हा इस शिल्पग्राम परियोजना के नोडल पदाधिकारी हैं। मिथिला चित्रकला की चार पद्मश्री कलाकार बौआ देवी, दुलारी देवी, शांति देवी और शिवन पासवान ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सर्वप्रथम गांव की लड़कियों ने मंत्री सहित अन्य अतिथियों के स्वागत में गीत प्रस्तुत किए। पद्मश्री बौआ देवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जितवारपुर गांव को क्राफ्ट विलेज बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड स्थित जितवारपुर गांव में शनिवार को बिहार के पहले शिल्पग्राम का कार्यारंभ हुआ। यह ऐतिहासिक क्षण वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के नेशनल हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट प्रोग्राम और बिहार संग्रहालय, पटना के सहयोग से संभव हुआ। चार सौ घरों वाला जितवारपुर देश का एकमात्र गांव है जिसने सर्वाधिक तीन पद्मश्री पुरस्कार दिए हैं। यहां चंद्रकला देवी को पेपरमेशी कला में राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है। इसके अतिरिक्त, गांव में 18 राष्ट्रीय और लगभग 50 से अधिक राज्य स्तरीय कलाकार हैं, जिनमें शिल्पगुरु सम्मान प्राप्त तीन कलाकार भी शामिल हैं। इस शिल्पग्राम का उद्घाटन बिहार सरकार के कला-संस्कृति विभाग के मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर विधायक मोहम्मद आसिफ अहमद, पूर्व विधायक हरीभूषण ठाकुर ‘बचोल’ और वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक बीके झा भी उपस्थित थे। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें.. फूल बरसाते हुए उन्हें कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया
गांववालों ने बैंड-बाजे के साथ गांव के प्रवेश द्वार पर मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक, अपर निदेशक सह नोडल पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। उन पर फूल बरसाते हुए उन्हें कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। प्रबंध निदेशक भी मौजूद थे
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड पटना के महाप्रबंधक अरुण कुमार और प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक भी मौजूद थे। अशोक कुमार सिन्हा इस शिल्पग्राम परियोजना के नोडल पदाधिकारी हैं। मिथिला चित्रकला की चार पद्मश्री कलाकार बौआ देवी, दुलारी देवी, शांति देवी और शिवन पासवान ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सर्वप्रथम गांव की लड़कियों ने मंत्री सहित अन्य अतिथियों के स्वागत में गीत प्रस्तुत किए। पद्मश्री बौआ देवी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जितवारपुर गांव को क्राफ्ट विलेज बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।  

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