बिहार ड्राइवर एसोसिएशन ने सरकार को सौंपा मांग पत्र:नवादा में व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए 10 मांगों पर जोर

बिहार ड्राइवर एसोसिएशन ने सरकार को सौंपा मांग पत्र:नवादा में व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए 10 मांगों पर जोर

नवादा में जिला अध्यक्ष राजेश यादव की देखरेख में एक दिवसीय धरना के बाद रैली का आयोजन किया गया है। जहां बिहार के ड्राइवर एसोसिएशन ने व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए 10 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा है। इस मांग पत्र में ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग की गई है। ड्राइवर आयोग और ड्राइवर कल्याण कोष स्थापित करने पर जोर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में ड्राइवरों की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल करने, एक ड्राइवर आयोग और ड्राइवर कल्याण कोष स्थापित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इससे ड्राइवरों को आवश्यक सहायता मिल सकेगी। बीमा और पेंशन योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इसमें सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये, अपंगता पर 10 लाख रुपये का बीमा कवर और मुफ्त चिकित्सा सुविधा शामिल है। साथ ही, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना शुरू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की व्यवस्था की मांग की गई है। उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग शिक्षा और सुरक्षा के पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है। ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा, गाड़ियों में आगे और पीछे रिकॉर्डिंग कैमरे लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की स्थिति में फुटेज के आधार पर दोषी की पहचान की जा सके। अन्य मांगों में 1 सितंबर को ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित करना शामिल है, ताकि इस दिन ड्राइवरों को छुट्टी मिल सके। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को ‘द्वितीय श्रेणी के सैनिक’ का दर्जा देने की भी अपील की है। सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए, मांग पत्र में हर सरकारी अस्पताल के आईसीयू में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाने की मांग की गई है, ताकि सड़क पर उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। यह मांग पत्र विशेष रूप से वाणिज्यिक लाइसेंस धारक ड्राइवरों के लिए है। एसोसिएशन ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें लागू करने का आग्रह किया है। नवादा में जिला अध्यक्ष राजेश यादव की देखरेख में एक दिवसीय धरना के बाद रैली का आयोजन किया गया है। जहां बिहार के ड्राइवर एसोसिएशन ने व्यावसायिक ड्राइवरों के लिए 10 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को सौंपा है। इस मांग पत्र में ड्राइवरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग की गई है। ड्राइवर आयोग और ड्राइवर कल्याण कोष स्थापित करने पर जोर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में ड्राइवरों की मृत्यु को आपदा श्रेणी में शामिल करने, एक ड्राइवर आयोग और ड्राइवर कल्याण कोष स्थापित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इससे ड्राइवरों को आवश्यक सहायता मिल सकेगी। बीमा और पेंशन योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इसमें सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर 20 लाख रुपये, अपंगता पर 10 लाख रुपये का बीमा कवर और मुफ्त चिकित्सा सुविधा शामिल है। साथ ही, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना शुरू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की व्यवस्था की मांग की गई है। उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग शिक्षा और सुरक्षा के पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है। ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग की गई है। इसके अलावा, गाड़ियों में आगे और पीछे रिकॉर्डिंग कैमरे लगाने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसी भी घटना या दुर्घटना की स्थिति में फुटेज के आधार पर दोषी की पहचान की जा सके। अन्य मांगों में 1 सितंबर को ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित करना शामिल है, ताकि इस दिन ड्राइवरों को छुट्टी मिल सके। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को ‘द्वितीय श्रेणी के सैनिक’ का दर्जा देने की भी अपील की है। सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए, मांग पत्र में हर सरकारी अस्पताल के आईसीयू में ड्राइवरों के लिए एक बेड आरक्षित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए एक विशेष कानून बनाने की मांग की गई है, ताकि सड़क पर उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। यह मांग पत्र विशेष रूप से वाणिज्यिक लाइसेंस धारक ड्राइवरों के लिए है। एसोसिएशन ने सरकार से इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और उन्हें लागू करने का आग्रह किया है।  

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