पूर्णिया में उत्साह के साथ मनाया बिहार दिवस:किलकारी के बच्चों ने बिखेरा सांस्कृतिक रंग, अच्छा काम करने वाले डॉक्टर-कर्मी सम्मानित

पूर्णिया में उत्साह के साथ मनाया बिहार दिवस:किलकारी के बच्चों ने बिखेरा सांस्कृतिक रंग, अच्छा काम करने वाले डॉक्टर-कर्मी सम्मानित

पूर्णिया में बिहार दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन और बिहार सरकार के कला, संस्कृति और युवा विभाग के संयुक्त देखरेख में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे शहर में जश्न का माहौल रहा और सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए बिहार की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। बिहार दिवस की शुरुआत वॉकेथॉन से हुई। उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में खेल भवन से वॉकेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसमें जिला खेल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वॉकेथॉन खेल भवन से निकलकर पॉलिटेक्निक चौक, आर.एन. शाह चौक, खीरू चौक, आस्था मंदिर और गिरजा चौक होते हुए इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंची। स्टेडियम में छात्रों ने जमीन पर पंक्तिबद्ध होकर बिहार दिवस लिखकर राज्य के प्रति एकजुटता और गर्व का संदेश दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा, नवाचार और मेहनत के जरिए बिहार को वैश्विक पहचान दिलाने की बात कही। प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी में आयोजित मुख्य समारोह में मंत्री लेशी सिंह, विधायक विजय खेमका, महापौर बिभा देवी और जिलाधिकारी अंशुल कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। किलकारी के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से बिहार के इतिहास, संस्कृति और गौरव को दर्शाया। कार्यक्रम में देशभक्ति और बिहार की महत्ता पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मियों और डॉक्टरों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कई डॉक्टरों को सम्मान मिला स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को विशेष रूप से उनके बेहतरीन काम के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। इनमें जीएमसीएच पूर्णिया के डॉ. तारकेश्वर कुमार को 548 सफल ऑपरेशन, डॉ. सुष्मिता सौरव को 238 सी-सेक्शन, और अन्य डॉक्टरों को भी उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही अधिक मरीजों के इलाज और टेली-कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए भी कई डॉक्टरों को सम्मान मिला। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान देने वाले पदाधिकारियों को भी सराहा गया। बिहार दिवस के मौके पर कृषि विभाग द्वारा प्रेक्षा गृह में किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मंत्री लेशी सिंह ने किया। इस मेले में जिले के सभी 14 प्रखंडों से आए किसानों ने आधुनिक खेती, नई तकनीकों और अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। मेले के प्रमुख आकर्षणों में पोमैटो, स्वीट कॉर्न, स्ट्रॉबेरी, चाय, रामदाना और ड्रोन दीदी पहल शामिल रहे। नवाचार और बेहतर खेती करने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली। रक्तदान शिविर भी लगाया गया कार्यक्रम के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इसमें लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया और सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। जिला प्रशासन ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया। पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। शहर के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और अन्य गतिविधियों का जमकर आनंद उठाया। बिहार दिवस का यह आयोजन न सिर्फ उत्सव का अवसर बना, बल्कि लोगों को राज्य के विकास, संस्कृति और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम बना। पूर्णिया में बिहार दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन और बिहार सरकार के कला, संस्कृति और युवा विभाग के संयुक्त देखरेख में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे शहर में जश्न का माहौल रहा और सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए बिहार की संस्कृति, विकास और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। बिहार दिवस की शुरुआत वॉकेथॉन से हुई। उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में खेल भवन से वॉकेथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसमें जिला खेल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वॉकेथॉन खेल भवन से निकलकर पॉलिटेक्निक चौक, आर.एन. शाह चौक, खीरू चौक, आस्था मंदिर और गिरजा चौक होते हुए इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंची। स्टेडियम में छात्रों ने जमीन पर पंक्तिबद्ध होकर बिहार दिवस लिखकर राज्य के प्रति एकजुटता और गर्व का संदेश दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने छात्रों को संबोधित करते हुए शिक्षा, नवाचार और मेहनत के जरिए बिहार को वैश्विक पहचान दिलाने की बात कही। प्रेक्षा गृह सह आर्ट गैलरी में आयोजित मुख्य समारोह में मंत्री लेशी सिंह, विधायक विजय खेमका, महापौर बिभा देवी और जिलाधिकारी अंशुल कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। किलकारी के बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से बिहार के इतिहास, संस्कृति और गौरव को दर्शाया। कार्यक्रम में देशभक्ति और बिहार की महत्ता पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया और पूरे सभागार में तालियों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मियों और डॉक्टरों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कई डॉक्टरों को सम्मान मिला स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को विशेष रूप से उनके बेहतरीन काम के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। इनमें जीएमसीएच पूर्णिया के डॉ. तारकेश्वर कुमार को 548 सफल ऑपरेशन, डॉ. सुष्मिता सौरव को 238 सी-सेक्शन, और अन्य डॉक्टरों को भी उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही अधिक मरीजों के इलाज और टेली-कंसल्टेंसी सेवाओं के लिए भी कई डॉक्टरों को सम्मान मिला। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान देने वाले पदाधिकारियों को भी सराहा गया। बिहार दिवस के मौके पर कृषि विभाग द्वारा प्रेक्षा गृह में किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मंत्री लेशी सिंह ने किया। इस मेले में जिले के सभी 14 प्रखंडों से आए किसानों ने आधुनिक खेती, नई तकनीकों और अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। मेले के प्रमुख आकर्षणों में पोमैटो, स्वीट कॉर्न, स्ट्रॉबेरी, चाय, रामदाना और ड्रोन दीदी पहल शामिल रहे। नवाचार और बेहतर खेती करने वाले किसानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली। रक्तदान शिविर भी लगाया गया कार्यक्रम के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया। इसमें लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया और सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। जिला प्रशासन ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया। पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। शहर के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और अन्य गतिविधियों का जमकर आनंद उठाया। बिहार दिवस का यह आयोजन न सिर्फ उत्सव का अवसर बना, बल्कि लोगों को राज्य के विकास, संस्कृति और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम बना।  

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