पूर्णिया को नई पहचान देगा बिहार बजट:डिजिटल तारामंडल की घोषणा, हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनेगा

पूर्णिया को नई पहचान देगा बिहार बजट:डिजिटल तारामंडल की घोषणा, हर पंचायत में मॉडल स्कूल बनेगा

बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में पूर्णिया के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और उद्योग जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे सीमांचल खासकर पूर्णिया को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बजट का मकसद आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना और विकास को गांव तक पहुंचाना है। विधानसभा में बजट पेश होने के बाद पूर्णिया में इसे लेकर खास चर्चा है। शहर के रहने वाले विकास वर्मा ने कहा कि बजट में पूर्णिया में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एजुकेशन सेंटर को लेकर घोषणा की गई है। 13 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। अब तक तारामंडल देखने के लिए पटना जाना पड़ता था। अगर यह पूर्णिया में बनता है तो बच्चों और युवाओं को विज्ञान को समझने का बड़ा मौका मिलेगा। अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा के.नगर के रहने वाले श्रवण कुमार कहते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बजट में GMCH पूर्णिया के अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा की गई है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी। आम लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पूरी तरह चालू नहीं होने की वजह से गंभीर मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है। अगर मेडिकल कॉलेज पूरा हो गया तो गरीब लोगों को इलाज के लिए पटना या सिलीगुड़ी नहीं जाना पड़ेगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की घोषणा ने बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद जगा दी है। करीब 36 साल से बंद बनमनखी चीनी मिल इलाके के लिए हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है। बड़हरा कोठी के किसान त्रिभुवन कुमार ने कहा कि चीनी मिल बंद होने के बाद गन्ना किसानों की हालत खराब हो गई थी। अगर मिल चालू होती है तो हमें फसल का सही दाम मिलेगा और गांव में रोजगार बढ़ेगा। इथेनॉल और बिजली उत्पादन से क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी होगा। छात्र कुणाल कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हर पंचायत में मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा को अभिभावकों ने सकारात्मक बताया है। इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, कौशल विकास और योग की व्यवस्था होगी। एक गरीब लोग अपने बच्चों को निजी स्कूल में नहीं पढ़ा पाते। अगर गांव में ही केंद्रीय विद्यालय जैसी सुविधा मिलेगी तो बच्चों का भविष्य सुधरेगा। सोशल एक्टिविस्ट विजय श्रीवास्तव ने कहा कि घोषणाओं के साथ-साथ उनका जमीन पर उतरना ज्यादा जरूरी है। लोगों का मानना है कि अगर बजट की योजनाएं समय पर पूरी हुईं, तो पूर्णिया शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगा सकता है। बिहार विधानसभा में आज वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने 2026-27 का बजट पेश किया। इस बजट में पूर्णिया के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और उद्योग जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है, जिससे सीमांचल खासकर पूर्णिया को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बजट का मकसद आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना और विकास को गांव तक पहुंचाना है। विधानसभा में बजट पेश होने के बाद पूर्णिया में इसे लेकर खास चर्चा है। शहर के रहने वाले विकास वर्मा ने कहा कि बजट में पूर्णिया में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एजुकेशन सेंटर को लेकर घोषणा की गई है। 13 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण इसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है और करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किए जाने की बात सामने आई है। अब तक तारामंडल देखने के लिए पटना जाना पड़ता था। अगर यह पूर्णिया में बनता है तो बच्चों और युवाओं को विज्ञान को समझने का बड़ा मौका मिलेगा। अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा के.नगर के रहने वाले श्रवण कुमार कहते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बजट में GMCH पूर्णिया के अधूरे मेडिकल कॉलेज का काम जल्द पूरा करने की घोषणा की गई है। लंबे समय से यह मांग उठ रही थी। आम लोगों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज पूरी तरह चालू नहीं होने की वजह से गंभीर मरीजों को बाहर रेफर किया जाता है। अगर मेडिकल कॉलेज पूरा हो गया तो गरीब लोगों को इलाज के लिए पटना या सिलीगुड़ी नहीं जाना पड़ेगा। यह हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है। बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की घोषणा ने बनमनखी और आसपास के इलाकों में नई उम्मीद जगा दी है। करीब 36 साल से बंद बनमनखी चीनी मिल इलाके के लिए हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है। बड़हरा कोठी के किसान त्रिभुवन कुमार ने कहा कि चीनी मिल बंद होने के बाद गन्ना किसानों की हालत खराब हो गई थी। अगर मिल चालू होती है तो हमें फसल का सही दाम मिलेगा और गांव में रोजगार बढ़ेगा। इथेनॉल और बिजली उत्पादन से क्षेत्र का औद्योगिक विकास भी होगा। छात्र कुणाल कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हर पंचायत में मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा को अभिभावकों ने सकारात्मक बताया है। इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा, भाषा प्रशिक्षण, कौशल विकास और योग की व्यवस्था होगी। एक गरीब लोग अपने बच्चों को निजी स्कूल में नहीं पढ़ा पाते। अगर गांव में ही केंद्रीय विद्यालय जैसी सुविधा मिलेगी तो बच्चों का भविष्य सुधरेगा। सोशल एक्टिविस्ट विजय श्रीवास्तव ने कहा कि घोषणाओं के साथ-साथ उनका जमीन पर उतरना ज्यादा जरूरी है। लोगों का मानना है कि अगर बजट की योजनाएं समय पर पूरी हुईं, तो पूर्णिया शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगा सकता है।  

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