वरिष्ठ चिकित्सक सीट से गायब, रेजिडेंट्स के भरोसे सबसे बड़ा अस्पताल

वरिष्ठ चिकित्सक सीट से गायब, रेजिडेंट्स के भरोसे सबसे बड़ा अस्पताल

अलवर. सामान्य चिकित्सालय रेजिडेंट चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। वरिष्ठ चिकित्सक सीट से गायब रहते हैं। जिसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खुद पीएमओ डॉ. सुनील चौहान ने एक दिन पहले ही ओपीडी ब्लॉक का दौरा किया तो चिकित्सक सीटों से गायब मिले। मेडिसिन ओपीडी और ईएनटी, ऑर्थो में सर्वाधिक हालत खराब है। अन्य विभागों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।
मेडिसिन ओपीडी के हॉल में तीन चिकित्सकों की कुर्सियां खाली मिली। यहां सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. विष्णु गोयल और सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. भवानी शंकर वर्मा मरीजों से घिरे हुए दिखाई दिए। इसके अलावा दो रेजिडेंट चिकित्सक भी हॉल में मौजूद थे। लेकिन मरीज सीनियर चिकित्सकों को दिखाने के लिए कड़ी मशक्कत करते दिखे। मेडिसिन ओपीडी के दूसरे कमरे में चिकित्सकों की 2 कुर्सियां खाली थी। यहां डॉ. महेन्द्र रावत अकेले मरीज देख रहे थे।
चिकित्सकों की कोई कमी नहीं
जानकारी के अनुसार अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में 5 से 7 सीनियर चिकित्सकों की ड्यूटी रहती है। इनमें से अधिकांश चिकित्सक अपनी हमेशा अपनी सीट से गायब रहते हैं। ईएनटी की ओपीडी भी पूरी तरह रेजिडेंट चिकित्सकों के भरोसे ही चल रही है। यहां सीनियर चिकित्सक कभी-कभार ही दिखाई देते हैं। हड्डी रोग विभाग सहित अन्य विभागों की भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। जबकि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध हैं।
सीएचसी और पीएचसी ही बेहतर
लोगों को उम्मीद थी कि मेडिकल कॉलेज खुलने से जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। लेकिन धरातल पर इसका कोई लाभ मिलता दिखाई नहीं दिखाई दे रहा है। यहां आने वाले मरीजों का रेजिडेंट चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। ऐसे में यहा से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सीएचसी व पीएचसी स्तर पर ही मरीजों को उपलब्ध हो पा रही है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *