बांग्लादेश और अमेरिका के बीच बड़ा ट्रेड समझौता, टैरिफ घटाने पर रहेगा यूनुस सरकार का जोर

बांग्लादेश और अमेरिका के बीच बड़ा ट्रेड समझौता, टैरिफ घटाने पर रहेगा यूनुस सरकार का जोर

बांग्लादेश में आम चुनाव नजदीक आ रहे है जिसके चलते राजनीतिक माहौल गर्म है और देश की जनता का ध्यान सत्ता परिवर्तन पर टिका हुआ है। इसी बीच सरकार ने अमेरिका के साथ एक अहम ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह समझौता 9 फरवरी को साइन होने की संभावना है, जो चुनाव से ठीक तीन दिन पहले का समय है। इसी फैसले ने देश की राजनीति और व्यापारिक जगत में नई बहस छेड़ दी है।

12 फरवरी को देश में आम चुनाव

बांग्लादेश के वाणिज्य सचिव महबुबुर रहमान के अनुसार यह ट्रेड पेक्ट 9 फरवरी को साइन किया जाएगा, जबकि देश में आम चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। फिलहाल देश की कमान अंतरिम सरकार के हाथ में है, जिसकी अगुवाई मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं। यह सरकार चुनाव के कुछ ही दिनों बाद समाप्त हो जाएगी, जिससे इस डील को लागू करने की जिम्मेदारी आने वाली नई सरकार पर आ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इतना बड़ा व्यापारिक फैसला लेना राजनीतिक रूप से संवेदनशील कदम है।

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच NDA साइन

इस ट्रेड समझौते को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी पारदर्शिता पर उठ रहा है। बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, अमेरिका और बांग्लादेश के बीच इस डील के लिए एक नॉन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट यानी NDA साइन किया गया है। इसके चलते समझौते की शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं। जून 2025 में NDA साइन होने के कुछ महीनों बाद अमेरिका ने बांग्लादेश पर टैरिफ घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया था। गारमेंट सेक्टर से जुड़े कारोबारी इसे लेकर असमंजस में हैं। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इनामुल हक खान का कहना है कि चुनाव से पहले इस तरह की डील से उद्योग पर दूरगामी असर पड़ सकता है।

आयात-निर्यात का अंतर कम करना चाहता है अमेरिका

फिलहाल बांग्लादेश अमेरिका को करीब 6 बिलियन डॉलर का निर्यात करता है, जबकि आयात लगभग 2 बिलियन डॉलर का है। अमेरिका इस अंतर को कम करना चाहता है और इसके लिए वह बांग्लादेश को ज्यादा अमेरिकी उत्पाद खरीदने पर जोर दे रहा है। इनमें गेहूं, सोयाबीन ऑयल, कॉर्न और कॉटन शामिल हैं। इसके साथ ही अमेरिका चाहता है कि बांग्लादेश चीन पर निर्भरता घटाए और अमेरिकी मिलिट्री इक्विपमेंट तथा ऑटोमोबाइल के लिए अपने बाजार को आसान बनाए। यूनुस सरकार 20 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत कराने की कोशिश में है, लेकिन डील की शर्तें गुप्त होने से अनिश्चितता बनी हुई है।

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