कच्चे तेल की ‘महा-उछाल’: ₹10,888 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा भाव, पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य ने बढ़ाई चिंता

कच्चे तेल की ‘महा-उछाल’: ₹10,888 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा भाव, पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य ने बढ़ाई चिंता

वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में मची हलचल के बीच भारतीय वायदा बाज़ार (MCX) में कच्चे तेल की कीमतों ने मंगलवार को सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। आपूर्ति में बाधा की आशंका और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल का भाव ₹10,888 प्रति बैरल के ऐतिहासिक शिखर पर पहुँच गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का भाव 300 रुपये या 2.83 प्रतिशत चढ़कर अपने अब तक के सबसे उच्च स्तर 10,888 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

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इसी तरह मई में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत एमसीएक्स पर 170 रुपये या 1.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 9,485 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक आपूर्ति के जटिल हालात और ऊर्जा निर्यात के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद यह तेजी आई, क्योंकि व्यापारियों को आपूर्ति में संभावित बाधा और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चिंता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मई में आपूर्ति वाले वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चे तेल का वायदा भाव 4.14 डॉलर या 3.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 116.55 डॉलर प्रति बैरल हो गया। वहीं ब्रेंट तेल के जून में आपूर्ति वाले अनुबंध की कीमत 1.5 प्रतिशत चढ़कर 111.40 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

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