जमुई के बरहट थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 215 बटालियन ने विशेष अभियान चलाकर एके-47 राइफल के 49 जिंदा कारतूस बरामद किए। यह अभियान मुजफ्फरपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक संदीप सिंह के निर्देशन और 215 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरील के नेतृत्व में संचालित किया गया। 215 बटालियन की ए और बी कंपनी ने संयुक्त रूप से एफओबी चोरमारा और पैसरा से इस अभियान की शुरुआत की। पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में व्यापक तलाशी ली गई अभियान के दौरान जमुई और मुंगेर जिले की सीमा से सटे पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में व्यापक तलाशी ली गई। इसी क्रम में 215 बटालियन पैसरा की टीम ने सुआसीन पहाड़ के पास नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए एके-47 के 49 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए। सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी कारतूसों की बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी और आसपास के क्षेत्रों में विस्तृत सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों की किसी बड़ी साजिश को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी ऐसे नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जमुई के बरहट थाना क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को गुप्त सूचना के आधार पर सीआरपीएफ की 215 बटालियन ने विशेष अभियान चलाकर एके-47 राइफल के 49 जिंदा कारतूस बरामद किए। यह अभियान मुजफ्फरपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक संदीप सिंह के निर्देशन और 215 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरील के नेतृत्व में संचालित किया गया। 215 बटालियन की ए और बी कंपनी ने संयुक्त रूप से एफओबी चोरमारा और पैसरा से इस अभियान की शुरुआत की। पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में व्यापक तलाशी ली गई अभियान के दौरान जमुई और मुंगेर जिले की सीमा से सटे पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में व्यापक तलाशी ली गई। इसी क्रम में 215 बटालियन पैसरा की टीम ने सुआसीन पहाड़ के पास नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए एके-47 के 49 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए। सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी कारतूसों की बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सतर्कता बढ़ा दी और आसपास के क्षेत्रों में विस्तृत सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई नक्सलियों की किसी बड़ी साजिश को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में भी ऐसे नक्सल विरोधी अभियानों को तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


