बृजभूषण शरण सिंह के बड़ा बयान; बोले-देश में 2 खलनायक एक मुस्लिम दूसरा सवर्ण

बृजभूषण शरण सिंह के बड़ा बयान; बोले-देश में 2 खलनायक एक मुस्लिम दूसरा सवर्ण

Brijbhushan Sharan Singh Big Statement: उत्तर प्रदेश के गोंडा (Gonda) में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह( Brij Bhushan Sharan Singh) का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आज देश में दो ऐसे वर्ग हैं जिन्हें खलनायक के रूप में पेश किया जा रहा है।पहला मुसलमान और दूसरा सवर्ण। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसको लेकर राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

राम नवमी के कार्यक्रम में बोले बृजभूषण सिंह

दरअसल, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे, जो राम नवमी के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज देश के अंदर दो ऐसे खलनायक बना दिए गए हैं और उन्हें पता है कि उनकी यह बात कई लोगों को तीखी लग सकती है। उन्होंने मंच से पहले बोल चुके वक्ता का हवाला देते हुए कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि सारी समस्या केवल मुसलमानों की हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि एक खलनायक मुसलमान को बताया जाता है, जबकि दूसरा खलनायक इस देश के सवर्णों को बताया जाता है।

बृजभूषण सिंह ने दिया बड़ा बयान

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान को लेकर कार्यक्रम में तर्क भी पेश किए। उन्होंने कहा कि अगर देश की सभी समस्याओं के लिए मुसलमानों को जिम्मेदार बताया जाता है, तो यह भी देखा जाना चाहिए कि उनके समर्थन में कौन-कौन सी राजनीतिक पार्टियां खड़ी हैं। उनका कहना था कि BJP को छोड़कर कई अन्य दल मुसलमानों के समर्थन में खड़े दिखाई देते हैं।

इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से सवाल किया कि सवर्णों के साथ खड़े होने के लिए कौन सी पार्टी आगे आती है। इस पर सभा में मौजूद भीड़ ने एक सुर में जवाब दिया—“कोई नहीं।”जिस पर उन्होंने कहा कि क्यों हो गए ना खलनायक।

कार्यक्रम के दौरान शेर भी पढ़ा—

“इतने गहरे घाव कहां से आए होंगे, लगता है तुमने भी दोस्त बनाए होंगे।”

सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी’

उन्होंने इस शेर के जरिए सवर्ण समाज की स्थिति को जोड़ते हुए अपनी बात रखी। साथ ही राम नवमी के अवसर पर लोगों से भगवान राम के आदर्शों और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान भी किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शर्म छोड़कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी है और समाज को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राम ने अपने जीवन में सभी वर्गों को साथ जोड़ा था। उन्होंने केवट, ऋषि भारद्वाज, आदिवासी, जंगलवासी और वनवासियों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया था। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का यही संदेश है कि समाज में जो लोग साथ चलने के लिए तैयार हैं, उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

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