जिस रफ्तार से सोने और चांदी के भाव आसमान छू रहे थे, उसी गति से लुढ़क कर धड़ाम हो गए हैं। गुरुवार को भीलवाड़ा के सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों और ऊंचे दामों पर खरीदारी करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है। महज 49 दिनों के भीतर सोने के दाम में 33 हजार 500 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी में 1 लाख 80 हजार 500 रुपए प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक गिरावट आई है।
गिरावट के 4 प्रमुख कारण
- बजट के बाद प्रॉफिट बुकिंग: फरवरी 2026 में आए केंद्रीय बजट के बाद से ही बाजार में भारी प्रॉफिट बुकिंग का दौर जारी है। रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने जमकर पैसा निकाला है।
- मजबूत होता डॉलर: अमरिकी डॉलर के लगातार मजबूत होने से भी अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ा है।
- फेड रिजर्व का रुख: अमरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने से सोने-चांदी की चमक फीकी पड़ी है।
- युद्ध का नहीं दिखा असर: अमूमन युद्ध के समय सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी के दाम तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन अमरिका-इजरायल व ईरान के मध्य जारी तनाव के बावजूद भाव लगातार गिर रहे हैं, जो अर्थशास्त्रियों के लिए भी हैरानी का विषय है।
आम आदमी से लेकर व्यापारी तक पस्त
लगातार चढ़ते बाजार को देखकर कई लोगों ने निवेश या शादी-ब्याह के लिए ऊंचे दामों पर सोना-चांदी खरीदा था, जिन्हें अब भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। शहर के सर्राफा व्यापारी रिषभ संचेती का कहना है कि शहर व जिले भर से कई लोगों ने तेजी के दौर में सोना व चांदी की खरीदारी की थी। लगातार भाव गिरने से न केवल आम ग्राहकों को, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सर्राफा बाजार में इस समय मायूसी का माहौल है।
यूं औंधे मुंह गिरे भाव (49 दिनों का अंतर)
- दिनांक चांदी सोना
- 29 जनवरी 4.10 लाख 1.84 लाख
- 30 जनवरी 3.60 लाख 1.75 लाख
- 31 जनवरी 2.80 लाख 1.66 लाख
- 10 फरवरी 2.65 लाख 1.60 लाख
- 18 फरवरी 2.40 लाख 1.55 लाख
- 19 मार्च 2.29 लाख 1.50 लाख


