होली से पहले कलेक्टर गाइडलाइन में बड़ी राहत, जारी हुआ संशोधित प्रस्ताव, देखें कितना हुआ कम

होली से पहले कलेक्टर गाइडलाइन में बड़ी राहत, जारी हुआ संशोधित प्रस्ताव, देखें कितना हुआ कम

Land Guidelines: जमीन की सरकारी कीमतों में 300 से 400 फीसदी तक की एकमुश्त वृद्धि से परेशान जिलेवासियों और रियल एस्टेट कारोबारियों को होली से पहले बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने जिला मूल्यांकन समिति के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नई गाइडलाइन में वर्ष 2019-20 की दरों को आधार मानते हुए केवल 50 से 100 फीसदी तक की वृद्धि की गई है।

Land Guidelines: रजिस्ट्री शुल्क और सरकारी मूल्यांकन में भी राहत

इस निर्णय से पूर्व घोषित दरों की तुलना में सीधे 200 से 300 फीसदी तक की कमी आई है, जिससे रजिस्ट्री शुल्क और सरकारी मूल्यांकन में भारी राहत मिलेगी। पिछले तीन महीनों से ठप पड़े प्रॉपर्टी बाजार में अब दोबारा गतिविधियां बढऩे की उम्मीद है।

ठप बाजार को मिलेगी संजीवनी

दरें कम होने की उम्मीद में पिछले दो महीनों से रजिस्ट्रियां लगभग रुकी हुई थीं। लोग इकरारनामा के सहारे सौदे रोककर बैठे थे। अब संशोधित दरों की अधिसूचना जारी होते ही पंजीयन कार्य में तेजी आने की संभावना है।

प्रशासन का तर्क

वर्ष 2019-20 के बाद पूरे प्रदेश में गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ था। नवंबर में नई दरें लागू करते हुए कई इलाकों में बाजार मूल्य के करीब दरें तय की गईं, जिससे कई क्षेत्रों में 300 से 400 फीसदी तक वृद्धि हो गई। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी का प्रदेशभर में विरोध हुआ। दुर्ग जिले में भी जमीन कारोबारियों और आम लोगों ने प्रदर्शन किया, चक्काजाम हुआ और हालात नियंत्रण में लाने पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। रजिस्ट्रियों की संख्या आधी से भी कम हो गई। बढ़ते दबाव के बाद सरकार ने पुनरीक्षण की घोषणा की।

दो बार लौटा प्रस्ताव, तीसरी बार मिली मंजूरी

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने विसंगतियों के कारण जिले से दो बार संशोधित प्रस्ताव लौटाया। तीसरी बार दरों को अधिक तार्किक और व्यवहारिक बनाकर भेजे गए प्रस्ताव को अंतत: राज्य स्तर से स्वीकृति मिल गई। नई गाइडलाइन में 2019-20 की दरों को आधार बनाकर सीमित वृद्धि की गई है। इससे पहले जहां कई क्षेत्रों में दरें चार गुना तक बढ़ गई थीं, अब वे घटकर 50 से 100 फीसदी वृद्धि तक सिमट गई हैं।

होली से पहले राहत का तोहफा

समग्र रूप से देखा जाए तो संशोधित कलेक्टर गाइडलाइन से आम नागरिकों और रियल एस्टेट बाजार को बड़ी राहत मिली है। अब यह देखना होगा कि नई दरों के प्रभाव से बाजार में कितनी तेजी लौटती है और पंजीयन के आंकड़े किस रफ्तार से बढ़ते हैं।

इंफ्रा स्पेशलिस्ट, देवेश मिश्रा रियल एस्टेट विशेषज्ञ देवेश मिश्रा का कहना है कि नई दरों से राहत तो मिलेगी, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी विसंगतियां हैं। जहां मुआवजा तय होना है, वहां दरें अपेक्षाकृत कम रखी गई हैं। उन्होंने और युक्तिसंगत संशोधन की जरूरत बताई।

क्षेत्र वर्ष 2019-20 पूर्व घोषित नई
(रु./वर्गमीटर) दर दर
राजीव नगर – 5530 – 18000 – 11000
पोटियाकला – 7560 – 30000 – 14000
बोरसी – 7560 – 24000 – 24000
उरला – 3500 – 24000 – 8500
बघेरा – 6790 – 30000 – 9000
पुलगांव – 12466 – 24000 – 13000

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