Annapurna Rasoi fraud: उदयपुर नगर निगम आयुक्त ने शनिवार को उदयपुर में संचालित अन्नपूर्णा रसोई घरों का निरीक्षण किया। इनके संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई स्थानों पर भोजन तैयार नहीं होने के बावजूद 100 से अधिक लाभार्थियों के नाम कूपन दर्ज पाए गए। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने, जुर्माना लगाने तथा एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि पिछले कुछ समय से रसोई घरों के संचालन को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इस पर जिला परियोजना अधिकारी शैल सिंह सोलंकी को विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। 27 व 30 जनवरी को हुए निरीक्षण में शिकायतों की पुष्टि होने पर नोटिस जारी किए गए।
इसके बाद शनिवार को आयुक्त ने स्वयं औचक निरीक्षण किया। आयुक्त ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी रसोई केंद्र पर अनियमितता या भोजन उपलब्ध न होने की शिकायत हो तो इसकी सूचना निगम में दें। इससे तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मल्लाहतलाई केंद्र पर चौंकाने वाली स्थिति
निरीक्षण की शुरुआत मल्लाहतलाई स्थित रसोई घर से हुई, जहां न तो भोजन तैयार था और न ही पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध थी। जबकि 100 से अधिक लाभार्थियों के नाम कूपन दर्ज थे। मौके पर खाना पकाने की कोई प्रक्रिया भी नहीं मिली। यहां वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई।
सेवाश्रम और खेमपुरा में भी गड़बड़ियां
सेवाश्रम पुलिया और खेमपुरा सुन्दरवास स्थित केंद्रों पर आधार कार्ड प्रविष्टियों में गड़बड़ी, दस्तावेजों और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर तथा लाभार्थियों की संख्या में विसंगतियां सामने आईं। आयुक्त ने मौके पर ही जिला परियोजना अधिकारी को तीनों कार्यकारी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनकल्याणकारी योजना में धांधली पर सख्ती
आयुक्त ने कहा कि राजस्थान सरकार की अन्नपूर्णा रसोई योजना मजदूर, निम्न आय वर्ग और जरूरतमंदों को मात्र 8 रुपए में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण में दोषी पाई गई तीनों फर्मों को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने, एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगाने तथा पूर्व भुगतान की जांच कर वसूली प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। मल्लाहतलाई केंद्र संचालित करने वाली सुंधा स्वीट होम के खिलाफ सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।


