राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने महाराष्ट्र के वर्धा जिले में ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। DRI ने मेफेड्रोन (MD) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने मौके से 128 किलोग्राम एमडी ड्रग्स (Mephedrone Drugs) जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 192 करोड़ रुपये है। इस कार्रवाई में फैक्ट्री को चलाने वाले मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ दो अन्य आरोपियों को भी मौके से पकड़ा गया है।
‘ऑपरेशन हिनटरलैंड ब्रू’ (Operation Hinterland Brew)
जानकारी के अनुसार, इस गुप्त ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन हिनटरलैंड ब्रू’ नाम दिया गया था और यह रविवार तथा सोमवार को अंजाम दिया गया। छापेमारी के दौरान 128 किलो एमडी के साथ DRI ने 245 किलोग्राम नशीला पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और पूरा प्रोसेसिंग सेटअप भी जब्त किया है।
अधिकारियों ने बताया कि यह ड्रग्स फैक्ट्री वर्धा से लगभग 60 किमी दूर करंजा (घाडगे) के ग्रामीण इलाके में चल रही थी। जांच एजेंसियों की नजर से बचने के अवैध यूनिट को झाड़ियों के बीच एक साधारण टिन-छत वाली शेड में चलाया जा रहा था।
ठिकाना बदलने को मजबूर हुए तस्कर
शुरुआती जांच में पता चला है कि यह अवैध यूनिट कुछ ही महीने पहले स्थापित की गई थी। नागपुर शहर में नारकोटिक्स विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत बढ़ती निगरानी के कारण तस्करों को अपना ठिकाना नागपुर से सटे वर्धा जिले के इस गांव में शिफ्ट करना पड़ा था। हालांकि वर्धा पुलिस को इस रैकेट के बारे में जानकारी नहीं थी।
इस काले कारोबार में शामिल मास्टरमाइंड खुद को केमिस्ट बताता है और उसी ने यह ड्रग्स फैक्ट्री खड़ी की थी। इसके लिए उसने इलाके में दो प्लॉट खरीदे थे और पूरी उत्पादन प्रक्रिया पर खुद नजर रखता था। अधिकारियों ने पहले इन तीनों आरोपियों को नागपुर में नशीले पदार्थ की खेप ले जाते हुए देखा था। जिसके बाद छानबीन की तो इस छिपी हुई ड्रग्स फैक्ट्री का पता चला।
तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीआरआई उनसे गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनके पूरे सप्लाई चेन का खुलासा किया जा सके।


