पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। धवन ने यह पैसा आयशा को तलाक के बाद सेटलमेंट के रूप में दिया था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट का मानना है कि धवन की ओर से प्रॉपर्टी सेटलमेंट के रूप में दी गई यह रकम भारतीय कानून के हिसाब से सही नहीं है। लिहाजा ऑस्ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट का फैसला भारत पर लागू नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की फैमिली कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा है कि आयशा ऑस्ट्रेलिया की अदालत के फैसले के तहत शिखर धवन से 16.9 करोड़ रुपए की डिमांड नहीं कर सकती हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, भारतीय फैमिली लॉ एक्ट 1975 के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का नियम भारतीय मैट्रिमोनियल लॉ और हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के साथ ही मेल खाता है। लिहाजा आयशा ने प्रॉपर्टी सेटलमेंट नियम के तहत जो 5.7 करोड़ की रकम ली है, उसे शिखर धवन को लौटाना होगा। ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत 60% हिस्सेदारी का आदेश
ऑस्ट्रेलिया के कानून के तहत पति की सभी प्रॉपर्टी को मेराइटल पूल में माना जाता है। इसी कानून के तहत ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन की भारत और विदेश में स्थित सभी संपत्तियों में से 60 फीसदी हिस्सा उनकी पत्नी आयशा को देने का आदेश दिया था। ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के लिए 1975 एक्ट की धारा 79 का इस्तेमाल किया था और उन्हें प्रॉपर्टी बेचकर 8.12 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर देने का आदेश दिया था। दिल्ली कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई आदेश पर सवाल उठाए
दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आयशा कोर्ट में पेश भी नहीं हुई हैं और ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया था। ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने कहा था कि धवन ऑस्ट्रेलिया में मौजूद अपनी सभी संपत्तियों को बेचकर सारा पैसा पत्नी आयशा को दें। दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने यह भी पाया कि धवन को जबरिया 82 हजार डॉलर का भुगतान करना पड़ा था। कोर्ट ने फैसले में आयशा को प्रॉपर्टी बेचकर मिली 5.70 करोड़ की रकम धवन को लौटाने का भी आदेश दिया है। जानिए क्या कहता है भारतीय कानून
भारत में मैरिज एक्ट के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का कोई एक समान और स्पष्ट प्रावधान नहीं है। लेकिन अलग-अलग धर्मों के हिसाब से इसे लागू किया जाता है। हिंदू मैरेज एक्ट के तहत धारा 27 में तलाक के समय पति-पत्नी के संयुक्त मालिकाना हक वाली प्रॉपर्टी का बंटवारा किया जाता है। इस कानून में स्त्रीधन का प्रावधान है, जो पत्नी को मिले गिफ्ट, ज्वैलरी, फर्नीचर आदि के रूप में होता है और तलाक के समय यह संपत्ति सिर्फ पत्नी को दी जाती है। कानून की धारा 25 के तहत तलाक की स्थिति में पत्नी को गुजारा भत्ता पाने का अधिकार होता है। 2023 में हुई थी तलाक
धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। दोनों की शादी 2011 में हुई थी और यह रिश्ता करीब 11 साल चला। आयशा की पहले की शादी से दो बेटियां हैं। धवन के साथ उनका बेटा जोरावर है। 2024 में लिया था संन्यास
धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। हालांकि, टीम में जगह बनाने में उन्हें 3 साल लग गए। 2013 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, यहीं से वे तीनों फॉर्मेट में फिक्स हो गए। उन्होंने 10 दिसंबर 2022 तक भारत के लिए 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट खेले। इनमें 24 शतक और 55 फिफ्टी शामिल रहीं। उन्होंने 2024 में सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपए लौटाने होंगे। धवन ने यह पैसा आयशा को तलाक के बाद सेटलमेंट के रूप में दिया था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट का मानना है कि धवन की ओर से प्रॉपर्टी सेटलमेंट के रूप में दी गई यह रकम भारतीय कानून के हिसाब से सही नहीं है। लिहाजा ऑस्ट्रेलिया की फैमिली कोर्ट का फैसला भारत पर लागू नहीं होगा। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की फैमिली कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा है कि आयशा ऑस्ट्रेलिया की अदालत के फैसले के तहत शिखर धवन से 16.9 करोड़ रुपए की डिमांड नहीं कर सकती हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, भारतीय फैमिली लॉ एक्ट 1975 के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का नियम भारतीय मैट्रिमोनियल लॉ और हिंदू मैरेज एक्ट 1955 के साथ ही मेल खाता है। लिहाजा आयशा ने प्रॉपर्टी सेटलमेंट नियम के तहत जो 5.7 करोड़ की रकम ली है, उसे शिखर धवन को लौटाना होगा। ऑस्ट्रेलियाई कानून के तहत 60% हिस्सेदारी का आदेश
ऑस्ट्रेलिया के कानून के तहत पति की सभी प्रॉपर्टी को मेराइटल पूल में माना जाता है। इसी कानून के तहत ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन की भारत और विदेश में स्थित सभी संपत्तियों में से 60 फीसदी हिस्सा उनकी पत्नी आयशा को देने का आदेश दिया था। ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के लिए 1975 एक्ट की धारा 79 का इस्तेमाल किया था और उन्हें प्रॉपर्टी बेचकर 8.12 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर देने का आदेश दिया था। दिल्ली कोर्ट ने ऑस्ट्रेलियाई आदेश पर सवाल उठाए
दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आयशा कोर्ट में पेश भी नहीं हुई हैं और ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने धवन के खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया था। ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट ने कहा था कि धवन ऑस्ट्रेलिया में मौजूद अपनी सभी संपत्तियों को बेचकर सारा पैसा पत्नी आयशा को दें। दिल्ली की फैमिली कोर्ट ने यह भी पाया कि धवन को जबरिया 82 हजार डॉलर का भुगतान करना पड़ा था। कोर्ट ने फैसले में आयशा को प्रॉपर्टी बेचकर मिली 5.70 करोड़ की रकम धवन को लौटाने का भी आदेश दिया है। जानिए क्या कहता है भारतीय कानून
भारत में मैरिज एक्ट के तहत प्रॉपर्टी सेटलमेंट का कोई एक समान और स्पष्ट प्रावधान नहीं है। लेकिन अलग-अलग धर्मों के हिसाब से इसे लागू किया जाता है। हिंदू मैरेज एक्ट के तहत धारा 27 में तलाक के समय पति-पत्नी के संयुक्त मालिकाना हक वाली प्रॉपर्टी का बंटवारा किया जाता है। इस कानून में स्त्रीधन का प्रावधान है, जो पत्नी को मिले गिफ्ट, ज्वैलरी, फर्नीचर आदि के रूप में होता है और तलाक के समय यह संपत्ति सिर्फ पत्नी को दी जाती है। कानून की धारा 25 के तहत तलाक की स्थिति में पत्नी को गुजारा भत्ता पाने का अधिकार होता है। 2023 में हुई थी तलाक
धवन और उनकी पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी का अक्टूबर 2023 में आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ था। दोनों की शादी 2011 में हुई थी और यह रिश्ता करीब 11 साल चला। आयशा की पहले की शादी से दो बेटियां हैं। धवन के साथ उनका बेटा जोरावर है। 2024 में लिया था संन्यास
धवन ने 2010 में टी-20 और 2011 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया। हालांकि, टीम में जगह बनाने में उन्हें 3 साल लग गए। 2013 में उन्होंने टेस्ट डेब्यू किया, यहीं से वे तीनों फॉर्मेट में फिक्स हो गए। उन्होंने 10 दिसंबर 2022 तक भारत के लिए 167 वनडे, 68 टी-20 और 34 टेस्ट खेले। इनमें 24 शतक और 55 फिफ्टी शामिल रहीं। उन्होंने 2024 में सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था।
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर


