पेपरलीक से बचने के लिए ‘SI भर्ती-2025’ में बड़े बदलाव:तीन की जगह दो पारियों में एग्जाम होने की संभावना; जानिए- पिछली और इस भर्ती में क्या है अंतर?

पेपरलीक से बचने के लिए ‘SI भर्ती-2025’ में बड़े बदलाव:तीन की जगह दो पारियों में एग्जाम होने की संभावना; जानिए- पिछली और इस भर्ती में क्या है अंतर?

राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 का एग्जाम इस बार तीन पारियों के बजाय दो पारियों में ही होने की संभावना है। इस परीक्षा में करीब पौने आठ लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किए हैं। पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स के कारण रद्द हुई पिछली एसआई भर्ती-2021 की गलतियों से सबक लेते हुए आयोग ने इस बार विशेष तैयारियां की है। इस बार होने वाले एग्जाम में कई बडे़ बदलाव देखने को मिलेंगे, जो पिछली भर्ती में इस्तेमाल नहीं हुए थे लेकिन बाद में लागू किए। बता दें कि आयोग ने इस परीक्षा की डेट 5 अप्रैल प्रस्तावित कर रखी है। एसआई भर्ती में हिन्दी व जीके का पेपर होता है। पिछली एसआई भर्ती परीक्षा तीन पारियों में हुई थी। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (आईएएस) आशुतोष गुप्ता ने कहा…. पिछली बार हुई एसआई भर्ती और इस बार हो रहे भर्ती एग्जाम में सुरक्षा को लेकर कईं बडे़ बदलाव आरपीएससी में हुए है। इन नवाचारों से पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स की सम्भावना नहीं होगी। साथ ही कईं सुरक्षा के उपाय किए गए है। जानिए-पिछली एसआई भर्ती-2021 और इस बार में क्या होगा फर्क…. सेंटर पर आधे घंटे पहले पेपर पहुंचेंगे
आयोग की ओर से अब परीक्षा के पेपर सेंटर पर आधे घंटे पहले ही पहुंचते है। इससे पेपर लीक की संभावना कम हो गई है। साथ ही इसमें डिजिटल लॉक व सिक्योरिटी सिस्टम है। पेपर पहुंचने से लेकर खुलने व बंटने तक की वीडियोग्राफी होती है। इसका पूरा प्रोसेस की भी एंट्री होती है। एक घंटे पहले ही सेंटर पर एंट्री
सभी कैंडिडेट्स की एंट्री परीक्षा के निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही हो जाती है। जबकि पेपर आधे घंटे पहले सेंटर पर पहुंचते है। ऐसे में पेपर लीक की सम्भावना भी कम हो गई है। लाइव फोटो कैप्चर की सुविधा
वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव किया है। डमी कैंडिडेट और फोटो टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स पर लगाम लगाने के लिए लाइव फोटो कैप्चर शुरू किया गया है। परीक्षा के दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जाता है। हाथ से लिखे नमूने लेने की व्यवस्था होगी
उम्मीदवार को परीक्षक के सामने हस्ताक्षर करने और अंगूठे का निशान लगाना होता है। उम्मीदवार की हस्तलेखन का नमूना उपस्थिति पत्र में कैप्चर किया जाएगा। उम्मीदवार को निरीक्षक की उपस्थिति में एक वाक्य लिखना होगा और इसे सत्यापित करके हस्ताक्षर करना होगा। एडमिट कार्ड पर क्यूआर कोड व वाटर मार्क होगा
अब कैंडिडेट्स की ओर से एडमिट कार्ड को आसानी से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। एडमिट कार्ड में वाटरमार्क और क्यूआर कोड स्कैनर है। वाटरमार्क में उम्मीदवार की फोटो होती है और क्यूआर कोड में उम्मीदवार का विवरण होता है। जो पिछली भर्ती में नहीं था। ओएमआर शीट में पांचवां विकल्प मिलेगा
ओएमआर शीट में पांच विकल्प दिए है। सभी विकल्पों में से एक को चुनना अनिवार्य है। इससे पहले, उम्मीदवारों को चार विकल्पों में से एक उत्तर को बोल्ड करना होता था। अब यदि उम्मीदवार प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते हैं तो पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर नेगेटिव मार्किंग व अपात्र घोषित करने का प्रावधान है। जो पिछली बार नहीं था। इंटरव्यू में टोकन सिस्टम
इंटरव्यू में टोकन प्रणाली शुरू की गई है। इसमें एक उम्मीदवार गुमनाम रूप से टोकन चुनता है और साक्षात्कार बोर्ड को उसी आधार पर आवंटित किया जाता है। ऐसे में इंटरव्यू से पहले किसी को पता नहीं चलता कि कौनसा कैंडिडेट किस बोर्ड में इंटरव्यू देगा। बडे़ आकार की फोटो अनिवार्य
उपस्थिति पत्रक प्रोफार्मा में भी सुधार किया गया है, जिसमें बड़े आकार की फोटो और उम्मीदवार की उंगलियों के निशान शामिल हैं। जो पिछली बार की परीक्षा में नहीं थे। ..अब जानते है पिछली भर्ती के बारे में…. एसआई भर्ती 2021 को कोर्ट ने किया था रद्द
राजस्थान हाई कोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को एसआई भर्ती 2021 रद्द कर दी थी। 859 पदों के लिए एग्जाम हुआ था। पेपर लीक में कई ट्रेनी एसआई पकड़े गए थे। इस पेपर लीक में आरपीएससी के 6 सदस्यों की भूमिका थी। पेपर को रद्द करते हुए कोर्ट ने इसके पद 2025 की भर्ती में जोड़ने के आदेश दिए थे। इसलिए अब भर्ती के लिए कई बदलाव किए जा रहे हैं। एसआई भर्ती 2021 में हुई थी बड़ी गिरफ्तारियां…. 1. पूर्व RPSC मेंबर और बेटे-बेटी अरेस्ट हुए थे
सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में RPSC के पूर्व सदस्य रामूराम राईका, उसके बेटे देवेश राईका और शोभा राईका की भी गिरफ्तारी हुई थी। देवेश राईका और शोभा राईका को जमानत मिल चुकी है। रामू राम राईका को 4 जुलाई 2018 को तत्कालीन बीजेपी राज (वसुंधरा राजे सरकार) के दौरान RPSC का मेंबर बनाया गया था। राईका 4 जुलाई 2022 तक मेंबर रहा था। रामू राम राईका अब भी जेल में है। 2. बाबूलाल कटारा से रामूराम राईका ने लिया था पेपर
सीनियर टीचर पेपर लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा भी एसआई भर्ती पेपर लीक में शामिल था। रामू राम राईका ने एसओजी को बताया था कि वह अपने बेटे-बेटी के लिए बाबूलाल कटारा से पेपर लेकर आया था। 3. पूर्व सीएम गहलोत के PSO को अरेस्ट किया था
पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया था। राजकुमार यादव ने बेटे के लिए पेपर खरीदा था। इसके बाद अपने दूधवाले को भी पेपर बेचा था। आरोपी राजकुमार को 8 अगस्त 2025 को पकड़ा गया था। ये खबर भी पढ़ें…

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