बहादुरगढ़ नवजात बच्चा तस्करी मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस गिरोह के तीन सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं, जिसके बाद अब इस नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी: पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप पवार निवासी बल्लभगढ़ (फरीदाबाद), रुद्रा प्रताप सिंह निवासी रायपुर (छत्तीसगढ़), विजय निवासी ग्रेटर नोएडा वेस्ट (उत्तर प्रदेश) और मोहन पांचाल उर्फ मोनू निवासी शाहदरा (दिल्ली), हाल निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है। सभी आरोपी पहले से गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे। कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क: जांच में खुलासा हुआ है कि यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय था। आरोपी गिरोह की सप्लाई चेन को मजबूत करने, संभावित ग्राहकों से संपर्क स्थापित करने और सौदों को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाते थे। गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए निसंतान दंपतियों को टारगेट करता था और उन्हें अवैध तरीके से बच्चे उपलब्ध कराने का लालच देता था। पुलिस ने कैसे पकड़ा: बहादुरगढ़ पुलिस की विभिन्न अपराध शाखाओं और थाना शहर की टीमों ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर इन आरोपियों तक पहुंच बनाई। लगातार ट्रैकिंग और सटीक रणनीति के चलते सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। रिमांड पर पूछताछ जारी: गिरफ्तार चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों, फरार सरगना और इस नेटवर्क से जुड़े खरीदारों के बारे में गहन पूछताछ की जा रही है। डीसीपी बहादुरगढ़ मयंक मिश्रा ने साफ कहा है कि नवजात बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की टीमें लगातार विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की संभावना है।


