Lucknow के राजभवन डिविजन स्थित क्लाइड रोड इलाके में गुरुवार तड़के एक बड़ा हादसा सामने आया, जब बिजली के कई खंभों में अचानक आग लग गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आरोप है कि यह हादसा बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और एक्सईएन स्तर की लापरवाही का परिणाम है।
घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब क्लाइड रोड और आसपास के इलाकों में एक के बाद एक कई बिजली के खंभों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और करीब आधा दर्जन खंभे इसकी चपेट में आ गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास खड़ी गाड़ियां, गुमटियां और घरों के बाहर लगे आर्म्ड केबल भी जलकर खाक हो गए।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। क्लाइड रोड, एकलव्य नगर, गोखले मार्ग और कृषि भवन क्षेत्र में लगभग 6 घंटे से अधिक समय तक बिजली नहीं आई, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर यह घटना ऐसे समय में हुई, जब नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और अष्टमी-नवमी के अवसर पर लोग पूजा-अर्चना में जुटे रहते हैं। बिजली न होने के कारण कई घरों में पूजा प्रभावित हुई और श्रद्धालु नाराज नजर आए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली गुल होने के चलते उनके घरों में पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई। सुबह के समय पानी न आने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में भी दिक्कत हुई। इसके अलावा, गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के रहना लोगों के लिए और भी मुश्किल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में खंभों के पास खड़ी एक कार और एक छोटा हाथी (लाइट कमर्शियल वाहन) भी आग की चपेट में आ गए और पूरी तरह जल गए। वहीं, खंभों के पास रखी गुमटियां भी आग में जलकर राख हो गईं, जिससे छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में बिजली के खंभों और तारों की हालत खराब थी, जिसकी कई बार शिकायत भी की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते मरम्मत और रखरखाव किया गया होता, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग को बुझाया जा सका, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इसके बाद बिजली विभाग ने क्षतिग्रस्त खंभों और तारों की मरम्मत का काम शुरू किया, ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जाएगी और घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस आश्वासन के बावजूद लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अक्सर ओवरलोडिंग, खराब वायरिंग या रखरखाव की कमी के कारण होती हैं। समय-समय पर बिजली के उपकरणों की जांच और मरम्मत बेहद जरूरी होती है, ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, राजभवन और क्लाइड रोड इलाके में हुई यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव में जरा सी चूक कितनी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। अब देखना होगा कि इस मामले में जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


