भोपाल में डी मार्ट के सामने रविवार शाम बस रोकने को लेकर ट्रैफिक पुलिस और रेलकर्मियों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और पुलिसकर्मियों ने दो रेल कर्मचारियों को बीच सड़क पर थप्पड़-घूंसे मारे। कॉलर पकड़कर खींचते हुए ले गए। मामला कोलार थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक बस रोकने को लेकर बहस शुरू हुई। सड़क पर ही झूमाझटकी और मारपीट की स्थिति बन गई। रेलकर्मी भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी की कॉलर पकड़ते हुए दिखाई दिए। हंगामे के बीच करीब 30 से 35 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। मारपीट और झूमाझटकी के वीडियो भी सामने आए हैं। ट्रैफिक पुलिस और रेलकर्मियों के बीच विवाद की तस्वीरें देखिए आरक्षक से बस रोकने का कारण पूछने के बाद बवाल जानकारी के मुताबिक कोलार डी मार्ट के सामने ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगी थी। ट्रैफिक पुलिस के आरक्षक सरजीत यादव वहां तैनात थे। रविवार शाम करीब 6:30 बजे उन्होंने एक बस को रोका। बस रुकते ही उसमें सवार कुछ लोग नीचे उतर आए और आरक्षक से बस रोकने का कारण पूछने लगे। बस में सवार लोगों ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताया। आरक्षक ने उन्हें बताया कि शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित है। साथ ही बस पर बैनर लगा होने के कारण नंबर प्लेट भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। इसी बात को लेकर बस में सवार कुछ रेलकर्मी नाराज हो गए और आरक्षक से बहस करने लगे। आरक्षक से झूमाझटकी करने का आरोप पुलिस के मुताबिक बहस के दौरान कुछ रेलकर्मियों ने आरक्षक सरजीत यादव के साथ झूमाझटकी की और अपशब्द कहे। इसके बाद आरक्षक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने आरक्षक के साथ झूमाझटकी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख पास में मौजूद ट्रैफिक के एसआई मौके पर पहुंचे। डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची और दो रेलकर्मियों को पकड़कर अपने साथ ले गई। इस दौरान सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा, जिससे कोलार रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। आरक्षक पर रेलकर्मियों से बदसलूकी करने का आरोप रेलवे कर्मचारियों का आरोप है कि बस रोकने के दौरान आरक्षक ने उनके साथ अभद्रता की, जिसके कारण विवाद बढ़ा। वहीं आरक्षक का कहना है कि रेलकर्मी बस रोके जाने से नाराज थे और उन्होंने ही पहले झूमाझटकी और मारपीट की। घटना के वीडियो सामने आने के बाद डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


