MP News: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बीएमएचआरसी में स्थापित तीन अत्याधुनिक जांच यंत्रों का उद्घाटन किया। अब अस्पताल में एनएएटी लैब, बॉडी वा प्लेथिस्मोग्राफी मशीन और इंटीग्रेटेड क बायोकेमिस्ट्री मशीन से जांच सेवा शुरू हो गई। इन तकनीकों से जांच अधिक सटीक होगी, इलाज में तेजी और मरीजों की जांच के लिए बाहर की लैब पर निर्भरता खत्म होगी।
डॉ. बहल ने कहा कि अब बीएमएचआरसी में ही गैस त्रासदी से प्रभावित मरीजों सहित आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उपचार मिलेगा। डॉ. बहल ने उपचार के साथ अनुसंधान को भी समान प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिक वातावरण को और सुदृढ़ बनाने के लिए फैकल्टी सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए और भविष्य में अनुसंधान को अधिक गति देने का आश्वासन दिया।
फेफड़ों की सटीक जांच अब संभव
बॉडी प्लेथिस्मोग्राफी मशीन से फेफड़ों की क्षमता, अवरोध और कार्यप्रणाली का सही आकलन होगा। डॉक्टर बीमारी की गंभीरता तुरंत समझ सकेंगे। दवा और इलाज की योजना अधिक प्रभावी बनेगी।
रक्त संक्रमण का खतरा खत्म
नई एनएएटी लैब में अब हर रक्त यूनिट की जांच अत्याधुनिक तकनीक से होगी। एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी जैसे संक्रमण शुरुआती अवस्था में ही पकड़े जा सकेंगे। संक्रमित रक्त चढ़ने का खतरा लगभग खत्म होगा। थैलेसीमिया, कैंसर और बार-बार रक्त चढ़ने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।


