भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद से अचानक इस्तीफा देकर हलचल मचाने वाले तेजकुलपाल सिंह पाली एक बार फिर मैदान में हैं। उन्होंने चैंबर के चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोविंद गोयल, उनके बेटे और कार्यकारी अध्यक्ष आकाश गोयल ने भी अध्यक्ष पद पर फार्म भरा है। रविवार को नामांकन जमा करने का आखिरी दिन है। अक्टूबर में पाली ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने चैंबर के पदाधिकारी-सदस्यों से सहयोग न मिलने को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया था। इस्तीफे के बाद व्यापारिक सियासत भी गरमा गई थी। इसके बाद उपाध्यक्ष आकाश गोयल को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। तभी से वे काम संभाल रहे हैं। शनिवार को पाली के अलावा आकाश गोयल ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा। वहीं, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गोयल ने नामांकन भरा। हालांकि, माना जा रहा है कि कार्यकारी अध्यक्ष आकाश ही चुनाव लड़ेंगे। रविवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। इसके बाद ही तय होगा कि दोनों तरफ से अध्यक्ष पद का दावेदार कौन होगा? और कौन नामांकन वापस लेगा? शनिवार को महामंत्री पद के लिए एक उम्मीदवार नामांकन जमा करने पहुंचे, लेकिन समय सीमा खत्म होने पर उन्हें पर्यवेक्षकों ने वापस लौटा दिया और रविवार को नामांकन जमा करने की सलाह दी। दूसरे दिन तक कुल 19 नामांकन जमा हुए
पर्यवेक्षक डॉ. पीसी कोठारी, वैभव जैन, चुनाव अधिकारी प्रदीप कुमार तिवारी ने बताया, शनिवार को दूसरे दिन तक कुल 19 फॉर्म प्रत्याशियों ने जमा किए हैं। इनमें अध्यक्ष पद के लिए गोविंद गोयल, तेजकुलपाल सिंह पाली और आकाश गोयल सहित 16 कार्यकारिणी पद के नामांकन शामिल हैं। रविवार को नामांकन का आखिरी दिन रहेगा। पैनल तय होंगे
नामांकन दाखिल होने के साथ ही पैनल भी तय हो जाएंगे। प्रमुख रूप से दो पैनल पाली और गोयल के रहेंगे। दोनों पैनल के संभावित पदों के उम्मीदवार रविवार को नामांकन दाखिल कर देंगे। दो दिन तक जांच, फिर नाम वापसी
नामांकन प्राप्त होने के बाद 12 और 13 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। वहीं, 14, 15 और 16 जनवरी को नाम वापसी का समय निर्धारित है। फिर उम्मीदवारों की फाइनल सूची का प्रकाशन 17 जनवरी को होगा। भोपाल चैंबर के चुनाव की अब ये प्रक्रिया चुनाव से एक कंडिका विलोपित नहीं होगी
इधर, पर्यवेक्षकों ने चुनाव को लेकर एक कंडिका विलोपित नहीं किए जाने का फैसला लिया है। बकायदा आदेश जारी कर कहा कि वर्तमान में जब कोई प्रस्ताव आम सभा से पारित नहीं हुआ तो वर्तमान संविधान 12 नवंबर 2022 का हिस्सा नहीं हो सका। इसलिए इस चुनाव में 1 अप्रैल 1992 की कंडिका 23 (5) ही प्रभावशील रहेगी। इसमें सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार होगा।


