भैरूंदा|ग्राम लाड़कुई में मां नर्मदा तट पर चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित मोहितरामजी पाठक ने भोजशाला को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भोजशाला का निर्माण राजा भोज ने कराया था। यह किसी मुगल आक्रांता की जगह नहीं है। पंडित पाठक ने कहा कि भोजशाला में प्राचीन काल से मां शारदा की पूजा होती आ रही है। बसंत पंचमी पर यहां मां सरस्वती का पूजन करना हिंदुओं का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह स्थल सनातन संस्कृति और ज्ञान परंपरा का प्रतीक है। इसे नकारा नहीं जा सकता। कथा के दौरान पंडित पाठक ने सनातन संस्कृति पर हो रहे कथित प्रहारों पर चिंता जताई।


