भिवानी जिले के करीब 13 महीने 9 महीने उम्र के नन्हें धावक महाराणा प्रताप कॉलोनी के हार्दिक ने हॉफ मैराथन 21.1 किलोमीटर दौड़कर अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ते हुए एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। बता दें कि इससे पहले भी हॉफ मैराथन में सबसे कम समय में दौड़ने का रिकॉर्ड भी हार्दिक के ही नाम था। वहीं इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी हार्दिक का नाम दर्ज है। वहीं हार्दिक की छोटी बहन लावन्या ने भी 5 किलोमीटर की रेस 27 मिनट 48 सेकेंड में पूरी की है, इस उम्र में वे भी रिकार्ड होल्डर हैं। दोनों मेडल जीतकर घर लौटे, तो उनका स्वागत किया गया। इससे पहले भी वे कई मेडल अपने नाम कर चुके है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे भिवानी में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों ने मिठाईयां बांटकर जश्न मनाया। धावक हार्दिक ने गुरुग्राम में आयोजित वन रेस हाफ मैराथन (21.1 किलोमीटर) 1 घंटा 44 मिनट 11 सेकेंड के समय में दौड़कर खुद का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और एक बार फिर से नया रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इससे पहले यही हाफ मैराथन हार्दिक ने 1 घंटा 49 मिनट के समय में पूरी की थी। प्रदर्शन में सुधार करते रहेंगे एथलीट हार्दिक और उनके पिता (कोच ) राजेश तंवर ने बताया कि आगे भी इसी तरह प्रदर्शन में सुधार करते रहेंगे। उनकी सरकार से मांग है कि कम आयु वर्ग के धावकों को भी हॉफ मैराथन में दौड़ने की अनुमति मिले। क्योंकि 18-35 आयु वर्ग में हार्दिक दौड़कर भी रिकॉर्ड कायम कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा नशे व डोपिंग में पड़कर अपना समय बर्बाद न करें, वे हार्दिक की तरह मेहनत करें तथा देश का नाम रोशन करें। परिजनों व कोच की माने, तो यह 5 मिनट का समय तोड़ना केवल 2 माह की लगातार कड़ी मेहनत तथा प्रेक्टिस से ही सम्भव ही पाया है। हार्दिक रोजाना ग्राउंड पर 5-15 किलोमीटर दौड़कर प्रेक्टिस करता है। हार्दिक बिना कुछ खाए पिए तथा बिना किसी दवा के सहारे दौड़ लगता है, जो इसकी मेहनत है। 1 घंटा 40 मिनट में दौड़ पूरी करने का लक्ष्य धावक हार्दिक ने कहा कि अब उसका लक्ष्य है कि वह अपने समय को कम करे। लगातार अभ्यास से वह जल्द ही अपने समय में 5 मिनट और तोड़ेगा। जिसके तहत हॉफ मैराथन (21.1 किलोमीटर) 1 घंटा 40 मिनट से कम समय में पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है, इसके लिए कड़ा अभ्यास करेगा। उसने कहा कि उसके पिता राजेश तंवर लंबी दौड़ के अच्छे धावक रहे हैं। अपने पिता की प्रेरणा से वे भी हाफ मैराथन की तैयारी कर रहे हैं। वहीं हार्दिक के पिता राजेश तंवर ने कहा कि बहुत कम ऐसे धावक हैं, जो इतनी कम उम्र में इतनी तेज दौड़ पाते हैं। 13 साल 9 महीने की उम्र में यह सीनियर के साथ दौड़ता है।


