भिवानी पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसने चाइनीस मास्टरमाइंड के इशारे पर लाखों की ठगी की वारदात के अंजाम दिया था। वहीं आरोपी को न्यायालय में पेश करके 6 दिन का पुलिस रिमांड पर लिया गया है। भिवानी निवासी एक शिकायतकर्ता ने थाना साइबर क्राइम भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने बताया कि वह एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में कार्यरत है। 12 जनवरी को उसके व्हाट्सएप पर पार्ट-टाइम जॉब/इन्वेस्टमेंट का मैसेज आया, जिसके बाद उसे एक टेलीग्राम लिंक भेजा गया। आरोपियों द्वारा उसे अलग-अलग टास्क के नाम पर 13 ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 6 लाख 56 हजार 517 रुपए इन्वेस्ट करवाए गए और बाद में धोखाधड़ी कर ली गई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। थाना साइबर क्राइम भिवानी के एएसआई विजय कुमार ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान करनाल के सेक्टर-14 निवासी करण पुत्र राजीव के रूप में हुई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी के कब्जे से 11 एटीएम कार्ड, 5 मोबाइल फोन तथा 8000 रुपए नकद बरामद किए है। चीनी नागरिकों से संपर्क में आने के बाद साइबर ठगी की
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और वर्ष 2025 में गेम के माध्यम से वह कंबोडिया गया, जहां उसका संपर्क चीनी नागरिकों से हुआ। उन्हीं के कहने पर उसने टेलीग्राम पर “UPI SIX” नाम से ग्रुप बनाया और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह युवाओं व पढ़ने वाले छात्रों को पैसों का लालच देकर उनकी आईडी, बैंक खाते व मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता था। लालच में ना आएं
थाना साइबर क्राइम भिवानी के प्रभारी उप निरीक्षक विकास कुमार ने आम जनता से अपील की कि ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट, पार्ट-टाइम जॉब या टास्क के नाम पर आने वाले किसी भी लालच में न आएं, अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, आईडी या किसी संदिग्ध लिंक को साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


