Bharatpur Crime : 5 दिन तक नाबालिग छात्रा से किया गैंगरेप, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा

Bharatpur Crime : 5 दिन तक नाबालिग छात्रा से किया गैंगरेप, कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा

Bharatpur Crime : भरतपुर में 12वीं की नाबालिग छात्रा से गैंगरेप करने के आरोपी को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी छात्रा को उसके घर से बहला-फुसलाकर ले गया और 5 दिन तक साथियों के साथ मिलकर बलात्कार किया। मामले में 2 साथियों को पहले ही 20-20 साल की सजा हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी सजा के डर से फरार चल रहा था, जिसे सोमवार को सजा सुनाई गई।

पोक्सो संख्या-2 के विशिष्ठ न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने सोमवार को आरोपी विश्वेन्द्र को 20 साल की सजा और 20 हजार रुपए के दंड से दंडित किया है। विशिष्ठ लोक अभियोजक महाराज सिंह सिनसिनवार ने बताया कि घटना 28 मार्च 2023 को लखनपुर थाने की है। 12वीं कक्षा की रात को अपने घर पर पढ़ाई कर रही थी। माता-पिता घर में ही सोये हुए थे। सुबह जब वे उठे तो नाबालिग घर पर नहीं थी।

पंचायत में कोई निर्णय नहीं हो सका

इसके बाद परिजनों ने अपनी बेटी को गांव में ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। कुछ देर बाद नाबालिग के पिता ने अपना फोन चेक किया तो पता लगा कि रात करीब 11 उनके मोबाइल पर एक फोन आया है। नाबालिग के पिता ने उस नंबर पर फोन किया तो किसी ने नहीं उठाया। हालांकि पिता ने यह पता लगा लिया कि नंबर किसका है। मामले को लेकर 29 मार्च 2023 को गांव में एक पंचायत हुई, जिसमें कोई निर्णय नहीं हो सका।

दो दिन बाद पिता ने कराई थी एफआइआर

30 मार्च को नाबालिग के पिता ने लखनपुर थाने में बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। साथ ही पुलिस को उस नंबर के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस जांच में सामने आया कि नाबालिग के पिता के फोन पर विश्वेन्द्र निवासी खेड़ली का फोन आया था। वह नाबालिग के गांव आता-जाता रहता था। उसने नाबालिग को अपनी बातों में बहला-फुसलाकर उसका अपहरण कर लिया था। पुलिस ने घटना के 4 दिन बाद नाबालिग को एक कमरे से दस्तयाब किया, लेकिन घटनास्थल से आरोपी फरार हो चुके थे।

नाबालिग ने न्यायालय में बयान दिया

पुलिस ने नाबालिग के न्यायालय में बयान कराए। इसमें सामने आया कि विश्वेन्द्र और उसके दो साथी राहुल और प्रदीप ने नाबालिग के साथ 5 दिन तक गैंगरेप किया है। पुलिस ने करीब 8 महीने बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूरे मामले में 27 गवाह और 35 डॉक्यूमेंट किए गए पेश

कोर्ट में मामला चलता रहा। जून 2025 में राहुल और प्रदीप को 20-20 साल की सजा सुना दी गई थी। उधर सजा के डर से विश्वेन्द्र फरार हो गया। सितंबर 2024 में विश्वेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सोमवार को विश्वेंद्र को सजा सुनाई गई। इस पूरे मामले में 27 गवाह और 35 डॉक्यूमेंट पेश किए गए।

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