हरदा में भारतीय किसान संघ (बीकेएस) की हरदा इकाई ने सोमवार को वीर तेजाजी चौक पर धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने नायब तहसीलदार हिमांशु परते को मुख्यमंत्री के नाम 14 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ की हरदा इकाई के अध्यक्ष अरुण पटवारे और मंत्री विनय यादव ने बताया कि उनका यह सांकेतिक धरना है। उनकी प्रमुख मांग है कि विधानसभा चुनाव 2023 से पूर्व सरकार की घोषणा के अनुसार गेहूं की खरीदी 2700 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर की जाए। किसानों ने ओलावृष्टि और हवा-पानी से हुए फसल नुकसान के लिए शीघ्र राहत राशि और बीमा राशि जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सोयाबीन और मक्का की भावांतर राशि भी जल्द से जल्द किसानों के खातों में उपलब्ध कराने की अपील की गई। 15 घंटे दिन में बिजली की भी मांग
संघ ने मोरंड गंजाल परियोजना की वन एवं पर्यावरण एनओसी जारी कर बांध निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। साथ ही, जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में एक अतिरिक्त बड़ा प्लेट कांटा लगाने, कृषि सिंचाई के लिए प्रतिदिन 15 घंटे दिन में बिजली देने और ग्राम रोलगांव माचक नदी पर क्षतिग्रस्त पुल का शीघ्र निर्माण कराने की मांग भी शामिल है। ज्ञापन में सभी मंडियों में किसानों की एफएक्यू उपज व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था करने, मगरधा से दुलिया कोषाघाटी मार्ग का निर्माण, प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना के तहत सोलर पंप उपलब्ध कराने, सिरकम्बा से मोहनपुर खेत रास्तों का निर्माण (3.5 किलोमीटर) और किसानों के खेत में लगे सागौन के वृक्षों का पंजीकरण कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों ने यह भी मांग की कि जमीन की रजिस्ट्री के 24 घंटे के भीतर राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया जाए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे राजधानी भोपाल में उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान ब्रजमोहन राठौर संभागीय सदस्य ,आनंद राम किरार संभागीय सदस्य,राजेंद्र बांके जिला उपाध्यक्ष, बालक दास छापरे ,अरुण पटवारे हरदा तहसील अध्यक्ष ,विनय यादव हरदा तहसील मंत्री, दीपक यादव संजय खोदरे ,मुकेश बांके,आनंद माली,गोविंद गौर,दिनेश गौर, मातृशक्ति जय धाकड़,शोभा राठौर,रेखा बांके, सुशीला खोदरे, लता बांके आदि मौजूद रहे।


