कृषि उपकरणों पर जीएसटी शून्य करने की मांग:भारतीय किसान संघ ने आगामी बजट में उठाई आवाज

कृषि उपकरणों पर जीएसटी शून्य करने की मांग:भारतीय किसान संघ ने आगामी बजट में उठाई आवाज

भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार से आगामी बजट में कृषि उपकरणों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर शून्य करने की मांग की है। संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मार्केटिंग प्रमुख राजेंद्र पालीवाल ने झालावाड़ में आयोजित एक बैठक में यह जानकारी दी। पालीवाल ने बताया कि सरकार ने पिछले वर्ष कृषि उपयोगी बड़ी मशीनरी पर जीएसटी दर कम की थी, लेकिन किसानों के दैनिक उपयोग में आने वाले छोटे उपकरणों पर यह दर यथावत बनी हुई है। इनमें खेतों में पानी देने वाली मोनोब्लाक मोटर, ओपन वेल सबमर्सिबल पंप, उनकी एक्सेसरीज और पीवीसी पाइप जैसे उपकरण शामिल हैं, जिनके बिना खेती करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े कृषि यंत्रों पर जीएसटी दर घटाकर 5% करने से छोटे और मझोले किसानों को कोई खास फायदा नहीं हुआ। उनके लिए दैनिक उपयोग के उपकरणों पर 18% जीएसटी दर लागू होने के कारण फसल की लागत लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा, तांबे के भाव में अत्यधिक बढ़ोतरी से मोटर पंप जैसे कृषि उपकरणों की कीमतें और बढ़ गई हैं। किसान संघ ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए घोषित योजनाओं का फायदा बैंकों के अड़ियल रवैये के कारण पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पाता। संघ ने मांग की है कि किसानों के सहयोग के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए और प्रत्येक जिले में एक समन्वय अधिकारी नियुक्त किया जाए। इसके अतिरिक्त, बैंकों द्वारा कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर ऑनलाइन किया जाना चाहिए। पर्याप्त दस्तावेज होने के बावजूद किसानों को परेशान करने पर संबंधित बैंक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

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