पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड स्थित उषा भारत गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग बिल देने का मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी द्वारा कुछ लोगों को 976 रुपये का बिल दिया जा रहा है, जबकि वहीं अन्य उपभोक्ताओं को उसी गैस सिलेंडर के लिए 1011.50 रुपये का बिल पर्ची दी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ही गैस एजेंसी में एक ही गैस सिलेंडर के लिए दो तरह का बिल देना समझ से परे है और इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। इस मामले पर एजेंसी के मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि बिल पर्ची में 1011.50 रुपये दिखाया जाता है, जबकि उपभोक्ताओं से 976 रुपये ही लिए जाते हैं। वहीं गैस वितरण करने वाले एजेंसी स्टाफ का कहना है कि वाउचर में जितना बिल दिया जाता है उतना ही पैसा लिया जाता है और कुछ मामलों में छूट भी मिल जाती है। एजेंसी कर्मियों के अनुसार यदि उपभोक्ता गैस एजेंसी से स्वयं सिलेंडर लेकर जाते हैं, यानी कैश एंड कैरी में, तो उन्हें कुछ छूट मिल जाती है। जबकि होम डिलीवरी सर्विस में सरकार द्वारा तय ऑनलाइन रेट के अनुसार ही भुगतान करना पड़ता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जलालगढ़ प्रखंड के एमओ सचिन कुमार जांच के लिए एजेंसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एजेंसी में दो तरह के बिल पर्ची देखने को मिला। इस पर एजेंसी से पूछताछ करने पर बताया गया कि कैश एंड कैरी की लिमिट होने के कारण अधिक राशि ली जाती है। एमओ सचिन कुमार ने कहा कि एक ही एजेंसी में अलग-अलग उपभोक्ताओं को 976 रुपये और 1011.50 रुपये का बिल देना बिल्कुल गलत है। उन्होंने एजेंसी को निर्देश दिया है कि इस तरह की व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी उपभोक्ताओं को एक समान बिल दिया जाए। वहीं भारत गैस पूर्णिया के सेल्स ऑफिसर ने बताया कि कुछ मामलों में लिमिट जरूर होती है, लेकिन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर एक ही रेट पर मिलना चाहिए। हालांकि इस मामले में उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया। पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड स्थित उषा भारत गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को एक ही सिलेंडर के लिए अलग-अलग बिल देने का मामला सामने आया है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी द्वारा कुछ लोगों को 976 रुपये का बिल दिया जा रहा है, जबकि वहीं अन्य उपभोक्ताओं को उसी गैस सिलेंडर के लिए 1011.50 रुपये का बिल पर्ची दी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ही गैस एजेंसी में एक ही गैस सिलेंडर के लिए दो तरह का बिल देना समझ से परे है और इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। इस मामले पर एजेंसी के मैनेजर संदीप कुमार ने बताया कि बिल पर्ची में 1011.50 रुपये दिखाया जाता है, जबकि उपभोक्ताओं से 976 रुपये ही लिए जाते हैं। वहीं गैस वितरण करने वाले एजेंसी स्टाफ का कहना है कि वाउचर में जितना बिल दिया जाता है उतना ही पैसा लिया जाता है और कुछ मामलों में छूट भी मिल जाती है। एजेंसी कर्मियों के अनुसार यदि उपभोक्ता गैस एजेंसी से स्वयं सिलेंडर लेकर जाते हैं, यानी कैश एंड कैरी में, तो उन्हें कुछ छूट मिल जाती है। जबकि होम डिलीवरी सर्विस में सरकार द्वारा तय ऑनलाइन रेट के अनुसार ही भुगतान करना पड़ता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जलालगढ़ प्रखंड के एमओ सचिन कुमार जांच के लिए एजेंसी पहुंचे। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एजेंसी में दो तरह के बिल पर्ची देखने को मिला। इस पर एजेंसी से पूछताछ करने पर बताया गया कि कैश एंड कैरी की लिमिट होने के कारण अधिक राशि ली जाती है। एमओ सचिन कुमार ने कहा कि एक ही एजेंसी में अलग-अलग उपभोक्ताओं को 976 रुपये और 1011.50 रुपये का बिल देना बिल्कुल गलत है। उन्होंने एजेंसी को निर्देश दिया है कि इस तरह की व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाई जाए और सभी उपभोक्ताओं को एक समान बिल दिया जाए। वहीं भारत गैस पूर्णिया के सेल्स ऑफिसर ने बताया कि कुछ मामलों में लिमिट जरूर होती है, लेकिन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर एक ही रेट पर मिलना चाहिए। हालांकि इस मामले में उन्होंने ज्यादा कुछ कहने से परहेज किया।


