अररिया के पनार नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध बाबाजी कुटिया बजरंगबली मंदिर में वार्षिक महाअष्टयाम का आयोजन होने जा रहा है। सोमवार को रामायण पाठ का शुभारंभ होगा, जिसका समापन मंगलवार को होगा। इसके तुरंत बाद महाअष्टयाम शुरू हो जाएगा, जो 5 मई रविवार तक चलेगा। इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में भक्ति का माहौल है। मां खड्गेश्वरी के साधक श्री नानू बाबा ने बताया कि इस महाअष्टयाम में जिले भर की दर्जनों प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। संकीर्तन, भजन-कीर्तन और राम नाम की धुन से पूरा वातावरण गूंज उठेगा। खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया जाएगा
महाअष्टयाम के समापन पर रविवार सुबह खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे। काली मंदिर के सक्रिय कार्यकर्ता अरुण मिश्रा ने बताया कि अररिया वासियों को बाबाजी कुटिया के महाअष्टयाम का बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के महीने में यहां स्वर्ग जैसा आनंद मिलता है और पनार नदी के किनारे स्थित यह कुटिया भक्तों के लिए मोक्ष धाम जैसी है। सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता
दूर-दूर से श्रद्धालु यहां राम भक्ति में लीन होने आते हैं। बाबाजी कुटिया को इस बार विशेष रूप से सजाया गया है, जिसमें रोशनी, फूलों की मालाएं और रंग-बिरंगी सजावट मंदिर को दिव्य रूप दे रही है। भक्तों में उत्साह का माहौल है और कई लोग पहले से ही मंदिर पहुंचकर तैयारी में जुटे हैं। यह महाअष्टयाम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर राम नाम का जाप करेंगे और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करेंगे। भक्तों का कहना है कि बाबाजी कुटिया में महाअष्टयाम के दौरान मन को असीम शांति मिलती है, और यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को मजबूत करता है। अररिया के पनार नदी किनारे स्थित प्रसिद्ध बाबाजी कुटिया बजरंगबली मंदिर में वार्षिक महाअष्टयाम का आयोजन होने जा रहा है। सोमवार को रामायण पाठ का शुभारंभ होगा, जिसका समापन मंगलवार को होगा। इसके तुरंत बाद महाअष्टयाम शुरू हो जाएगा, जो 5 मई रविवार तक चलेगा। इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में भक्ति का माहौल है। मां खड्गेश्वरी के साधक श्री नानू बाबा ने बताया कि इस महाअष्टयाम में जिले भर की दर्जनों प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। संकीर्तन, भजन-कीर्तन और राम नाम की धुन से पूरा वातावरण गूंज उठेगा। खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया जाएगा
महाअष्टयाम के समापन पर रविवार सुबह खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे। काली मंदिर के सक्रिय कार्यकर्ता अरुण मिश्रा ने बताया कि अररिया वासियों को बाबाजी कुटिया के महाअष्टयाम का बेसब्री से इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के महीने में यहां स्वर्ग जैसा आनंद मिलता है और पनार नदी के किनारे स्थित यह कुटिया भक्तों के लिए मोक्ष धाम जैसी है। सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता
दूर-दूर से श्रद्धालु यहां राम भक्ति में लीन होने आते हैं। बाबाजी कुटिया को इस बार विशेष रूप से सजाया गया है, जिसमें रोशनी, फूलों की मालाएं और रंग-बिरंगी सजावट मंदिर को दिव्य रूप दे रही है। भक्तों में उत्साह का माहौल है और कई लोग पहले से ही मंदिर पहुंचकर तैयारी में जुटे हैं। यह महाअष्टयाम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी बढ़ावा देता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर राम नाम का जाप करेंगे और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करेंगे। भक्तों का कहना है कि बाबाजी कुटिया में महाअष्टयाम के दौरान मन को असीम शांति मिलती है, और यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को मजबूत करता है।


